Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर के भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर (Bharat Tiwari Encounter) मामले में बड़ा एक्शन लिया गया है. भरत तिवारी की मां आशा देवी के आवेदन के आधार पर गोली मारने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है. Bharat Tiwari Encounter
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घटना के बाद भरत की मां आशा देवी ने एसपी को आवेदन दिया था. अब इसके आधार पर जगदीशपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और शाहपुर थानाध्यक्ष सहित अन्य सहयोगी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध शाहपुर थाने में मामला दर्ज किया गया है.
पांच पुलिसकर्मियों सस्पेंड…
बता दें कि इस केस में अब तक पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है. इनमें तत्कालीन शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार मालाकार, पु.अ.नि अंकित आर्यन, पु.अ.नि हरश्चिंद्र कुमार, स.अ.नि. रामाशंकर यादव और महिला सिपाही मीरा कुमारी शामिल हैं.
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आवेदन में क्या कुछ कहा गया?
भरत तिवारी की मां आशा देवी ने भोजपुर एसपी को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि उनका बेटा (भरत भूषण तिवारी) बाढ़ के विस्थापितों की समस्याओं को लेकर लगातार प्रशासन से संघर्ष कर रहा था. घटना वाले दिन कई पुलिस पदाधिकारी और जवान उनके घर पहुंचे थे. बेटे को अपने साथ चलने को कहा था.
‘जगदीशपुर पुलिस उपाधीक्षक के आदेश पर गोली मारी गई’
आशा देवी ने आवेदन में कहा है कि पुलिस के सामने बेटे ने फेसबुक लाइव के दौरान अपने हाथ में मौजूद हथियार को फेंक दिया था और खुद को पुलिस के हवाले कर दिया था. इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़कर जमीन पर गिरा दिया और कई गोली मारी. आवेदन में मां आशा देवी ने लिखा है कि उनके बेटे को पांच गोली मारी गई है. आवेदन में उन्होंने यह भी लिखा है कि जगदीशपुर पुलिस उपाधीक्षक के आदेश पर गोली मारी गई है.
उन्होंने आरोप लगाया है कि घटना के बाद पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई और कई घंटों तक परिजनों को सही जानकारी नहीं दी गई. बाद में शाम के समय सूचना दी गई कि भरत तिवारी (Bharat Tiwari) की मौत हो चुकी है. अब इसी आवेदन के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है.

