Kanpur Akhilesh Dubey News : ढाई करोड़ रुपये रंगदारी मामले की सुनवाई के दौरान जिला जज की अदालत में नया मोड़ आ गया। वादी सुरेश पाल अपने बयान से मुकर गया।
अखिलेश दुबे पर लगाए गए आरोपों से इनकार कर दिया। सुरेश के पक्षद्रोही होने पर कोर्ट की अनुमति के बाद जिरह शुरू हुई। शेष जिरह 25 सितंबर को होगी। इसी मामले में जमानत न मिलने के कारण अखिलेश एक साल से जेल में बंद है।
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कार्यवाहक डीजीसी ने बताया कि कोर्ट में सुरेश अपने बयान से मुकर गया है। तहरीर पर हस्ताक्षर तो पहचाने लेकिन उसे खुद थाने पर देने से इनकार कर दिया। सुरेश के बयान से मुकरने पर अभियोजन ने जिरह शुरू की। कोर्ट ने अगली तारीख 25 सितंबर तय कर दी है। Akhilesh Dubey News
मंगलवार को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में सुरेश के बयान दर्ज किए गए। सुरेश ने कहा कि साकेत नगर में मेरे होटल के पास ही वरिष्ठ अधिवक्ता अखिलेश दुबे का कार्यालय था इसलिए मेरी उनसे जान-पहचान थी। मेरे खिलाफ जब पॉक्सो का झूठा मुकदमा दर्ज हुआ था तो मेरे बेटे ने अखिलेश से कानूनी मदद भी ली थी। बाद में आरोप झूठे पाए जाने पर मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लग गई थी।
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दिल्ली के एम्स अस्पताल में इलाज के दौरान मेरे पास घर से फोन आया जिसमें बताया गया कि पॉक्सो के मुकदमे की जांच के लिए एसआईटी आई है। खुद को एसआईटी अफसर बताकर मुझे किदवई नगर थाने ले जाया गया जहां टाइप किए कागजों पर मेरे हस्ताक्षर करवा लिए गए।
धमकी से डरकर पुलिस के बताने पर ही मैंने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिए। अखिलेश दुबे ने मुझसे कभी धन की मांग नहीं की और न ही मैंने उन्हें कोई धनराशि दी। अखिलेश ने मुझे न तो कभी धमकाया और न ही कोई मारपीट की। उन्होंने न तो मुझे झूठे मुकदमे में फंसाया और न ही फंसाने की धमकी दी। मेरे खिलाफ पॉक्सो का झूठा मुकदमा लिखाने में अखिलेश का कोई हाथ नहीं था।

