KANPUR NEWS: छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक (Prof. Vinay Kumar Pathak) ने डीसी लॉ कॉलेज के परीक्षा केंद्र, प्रथम वर्ष के नामांकन और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के 90 दिनों के अनिवार्य पाठ्यक्रम को लेकर विश्वविद्यालय का पक्ष स्पष्ट किया।
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उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परीक्षा की पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर बहुत ही गंभीर है। सभी मामलों में नियमानुसार निर्णय लिए जा रहे हैं।
कुलपति जी ने डीसी लॉ कॉलेज में होम सेंटर पर परीक्षा कराने की मांग पर कहा कि परीक्षाओं को नकलविहीन और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए कॉलेज का परीक्षा केंद्र बदले जाता है। यह प्रक्रिया विश्वविद्यालय की नियमावली के अनुसार अपनाई जाती है। उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के बाद उनकी प्रतियां विद्यार्थियों के ई-मेल पर भेजी जाती हैं। यदि किसी छात्र को अपनी उत्तरपुस्तिका या मूल्यांकन को लेकर कोई समस्या है, तो विश्वविद्यालय उससे संवाद करेगा और जरूरत पड़ने पर उसे उत्तरपुस्तिका की दुबारा चेकिंग करायी जाएगी।
AI और विशेषज्ञ मिलकर तैयार कर रहे हैं प्रश्नपत्र
प्रश्नपत्र निर्माण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल पर कुलपति ने स्पष्ट किया कि प्रश्नपत्र पूरी तरह AI के माध्यम से नहीं जा रहे हैं इसमें विषय विशेषज्ञों को भी लगाया गया है और कई मॉडरेटर नियुक्त हैं, जो प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया को नियंत्रित करते हैं। मॉडरेटर AI की मदद से प्रश्नपत्रों के कई सेट तैयार करते हैं। इस प्रक्रिया में तकनीक के साथ मानवीय विशेषज्ञता का भी इस्तेमाल होता है। प्रश्नपत्र निर्माण में दोनों की भूमिका सुनिश्चित की जाती है।
डीसी लॉ कॉलेज में नामांकन प्रक्रिया की जांच के बाद खुलेगा समर्थ पोर्टल
डीसी लॉ कालेज में प्रथम वर्ष के प्रवेश के संबंध में कुलपति ने कहा कि सभी कॉलेजों को शासन के नियमानुसार मेरिट और आरक्षण के आधार पर प्रवेश दिये जाते हैं, डीसी लॉ कॉलेज में प्रवेश के दौरान आरक्षण व मेरिट को ध्यान न देने की शिकायत विश्वविद्यालय को मिली थी जिसके लिये विश्वविद्यालय द्वारा तय कमेटी ने कॉलेज के प्राचार्य से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं, लेकिन विश्वविद्यालय को अभी तक मेरिट सूची और अन्य आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। जांच प्रक्रिया पूरी होने तक समर्थ पोर्टल पर फॉर्म सबमिशन की प्रक्रिया नहीं खोला जाएगी।
90 दिन के पाठ्यक्रम को लेकर परीक्षा विभाग कर रहा है विचार
बीसीआई के 90 दिनों की अनिवार्य शैक्षणिक अवधि के नियम पर कुलपति जी ने कहा कि निर्धारित दिनों के साथ कक्षा संचालन के घंटे भी महत्वपूर्ण हैं। जिन स्थानों पर देर से नामांकन हुआ है, वहां निर्धारित अवधि के पाठ्यक्रम को किस प्रकार पूरा कराया जाए और इसके लिए कितने घंटे कक्षाएं संचालित की जाएं, इस पर विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग द्वारा विचार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय सभी संबंधित मामलों में गंभीरता से कार्य कर रहा है। विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए नियमों के अनुरूप निर्णय लिए जाएंगे।

