KANPUR NEWS: कानपुर में पर्यटन की असीम संभावनाएं मौजूद हैं। जनपद की पहचान केवल औद्योगिक नगरी तक सीमित न रहकर ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में भी स्थापित होनी चाहिए।
प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय रोजगार सृजन की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। मंगलवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर (DM Mahendra Singh Tanwar) ने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए।
कानपुर की ऐतिहासिक, पौराणिक और सांस्कृतिक विरासत को पर्यटन के नए अवसरों से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन व्यापक विजन डॉक्यूमेंट तैयार करेगा। इसमें हेरिटेज एवं कल्चरल टूरिज्म, ईको टूरिज्म, ग्रीन स्पेस टूरिज्म और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं को शामिल किया जाएगा।
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उन्होंने निर्देश दिए कि विजन डॉक्यूमेंट में विभिन्न पर्यटन स्थलों की विशिष्टताओं, उनके विकास की संभावनाओं, पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलने वाले लाभ का समावेश किया जाए। पर्यटन विकास की योजनाओं में जनपद की प्राकृतिक संपदा, हरित क्षेत्रों और ग्रामीण परिवेश को भी महत्व दिया जाए।
जिलाधिकारी ने बिठूर की पौराणिक एवं धार्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए वहां ब्रह्मावर्त परिक्रमा मार्ग के विकास की संभावनाओं पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिठूर की धार्मिक विरासत को पर्यटन से जोड़ने के साथ स्थानीय लोगों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाए। इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर विकसित हो सकेंगे।
नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में भी कार्य किया जाए
उन्होंने कानपुर की समृद्ध लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन पर विशेष जोर दिया। कहा कि नौटंकी जैसी पारंपरिक लोकनाट्य विधा की कानपुर में विशिष्ट पहचान रही है। इस कला को उसके गौरवशाली स्वरूप में पुनर्जीवित करने के लिए स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक संस्थाओं के सहयोग से प्रयास किए जाएं। पारंपरिक लोककलाओं को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में भी कार्य किया जाए।
जिलाधिकारी ने भीतरगांव के प्राचीन ईंटों के मंदिर, निबियाखेड़ा मंदिर तथा मानसून मंदिर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्ता का उल्लेख करते हुए इन्हें पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से स्थान दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन स्थलों की विशिष्ट पहचान को व्यापक स्तर पर सामने लाया जाए और पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास की संभावनाओं पर कार्य किया जाए।
बैठक में DM ने पर्यटन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इनमें सरसौल स्थित चतुर्भुज बाबा मंदिर, कौशलपुरी स्थित हनुमान मंदिर, पनकी हनुमान मंदिर, महाराजपुर स्थित रावल देवी मंदिर तथा राधाकृष्ण विराजमान मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर कराए जा रहे पर्यटन विकास कार्य शामिल रहे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने तथा कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने विगत चार वर्षों में कराए गए एवं लोकार्पित पर्यटन विकास कार्यों की जांच ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/खंड विकास अधिकारी संदीप कुमार से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुपालन की जांच की जाए।
बैठक में CDO अभिनव जे. जैन, ADM CITY सौरभ सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/खंड विकास अधिकारी संदीप कुमार, नीलम गौतम, प्रोफेसर अनिल कुमार मिश्रा, धर्मप्रकाश गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
होमस्टे नीति से पर्यटन के साथ बढ़ेंगे स्वरोजगार के अवसर
उत्तर प्रदेश सरकार की बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे नीति-2025 के तहत स्थानीय लोग अपने आवास में पर्यटकों को ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। पात्र होमस्टे में अधिकतम आठ कमरे और 16 बेड तक की व्यवस्था का प्रावधान है। इस नीति से बिठूर सहित कानपुर के धार्मिक, ऐतिहासिक एवं ग्रामीण पर्यटन क्षेत्रों में स्थानीय आवास सुविधाओं, पारंपरिक खानपान और स्वरोजगार को बढ़ावा मिल सकता है। इच्छुक आवेदक उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण करा सकते हैं।

