प्रत्येक मास के कृष्ण पक्ष आर शुक्ल पक्ष में दो एकादशी व्रत रखे जाते हैं। बता दे कि हिन्दू धर्म में एकादशी व्रत को सभी व्रतों में श्रेष्ठ माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है और परिवार के कल्याण की प्रार्थना की जाती है।
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Utpanna Ekadashi 2022: उत्पन्ना एकादशी पर जरूर करें इन नियमों का पालन
by ARTI PANDEYby ARTI PANDEY -
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Calendar 2023: जनवरी से दिसंबर माह तक पड़ रहे हैं कौन-कौन से व्रत त्योहार, लिस्ट
by ARTI PANDEYby ARTI PANDEYसाल 2023 में कई बड़े व्रत त्योहार पड़ने वाले हैं। जानिए साल 2023 में जनवरी से लेकर दिसंबर तक में कब कौन सा व्रत और त्योहार पड़ने वाले हैं।
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Chandra Grahan 2022: कब पड़ेगा साल का आखिरी चंद्रग्रहण, जानिए राशिफल पर क्या होगा असर
by ARTI PANDEYby ARTI PANDEYसाल का आखिरी चंद्रग्रहण एक दिन बाद मंगलवार (8 नवंबर 2022) को कार्तिक पूर्णिमा पर पड़ने जा रहा है। 15 दिन के भीतर यह दूसरा ग्रहण है। हर ग्रहण की तरह इस ग्रहण का भी सभी 12 राशियों में पर असर देखने को मिलेगा।
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भगवान विष्णु आषाढ़ शुक्ल एकादशी को चार माह के लिए सो जाते हैं और कार्तिक शुक्ल एकादशी को जागते हैं। श्रीहरि विष्णु इसी दिन राजा बलि के राज्य से चातुर्मास का विश्राम पूरा करके बैकुंठ धाम को लौटे थे। इस एकादशी को कई नामों से जाना जाता है। जैसे देवोत्थान एकादशी, देवउठनी ग्यारस, प्रबोधिनी एकादशी। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-आराधना से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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Dev Uthani Ekadashi 2022: व्रत कथा के बिना नहीं पूर्ण होती है भगवान विष्णु की पूजा
by ARTI PANDEYby ARTI PANDEYहर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवउठनी एकादशी व्रत रखा जाता है। हिंदू धर्म में इसे प्रबोधनी एकादशी, देवोत्थान एकादशी, देवउठनी ग्यारस के नाम से भी जाना जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु के 4 महीने बाद योग निद्रा के उठने के उपलब्ध में रखा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है और उनसे परिवार के कल्याण की प्रार्थना की जाती है। इस वर्ष यह व्रत 4 नवंबर 2022, शुक्रवार (Dev Uthani Ekadashi) के दिन रखा जाएगा।
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Chhath Puja 2022: खरना, जानें सूर्योदय- सूर्यास्त का समय और शुभ मुहूर्त
by ARTI PANDEYby ARTI PANDEYमाता महालक्ष्मी के प्रिय दिन शुक्रवार को नहाय-खाय के साथ चार दिवसीय छठ व्रत शुरू हो गया। इसका समापन सोमवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ होगा। व्रति शनिवार को खरना का व्रत करेंगे। जबकि रविवार को प्रथम व सोमवार को द्वितीय अर्घ्य देकर पारण कर सूर्योपासना का चार दिवसीय अनुष्ठान संपन्न करेंगे।
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आंवला नवमी (Amla Navami) का त्योहार हर साल दिवाली के बाद और देवउठनी एकादशी के दो दिन पहले मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को आंवला नवमी का पर्व मनाया जाता है। इसे अक्षय नवमी के नाम से भी जानते हैं। माना जाता है कि आंवला नवमी के दिन व्रत रखने के साथ आंवला के पेड़ की पूजा करने से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।
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धनतेरस (Dhanteras) पर सोना-चांदी, बर्तन व नई चीजों को खरीदने की परंपरा है। मान्यता है कि इस दिन बर्तन को खरीदने से घर में सुख-समृद्धि आती है। शास्त्रों में धनतेरस के दिन कुछ उपायों को करना अति लाभकारी माना गया है।
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Chhath Puja 2022: कब है छठ पूजा? नहाए-खाय और खरना की तारीखें और पूजन सामग्री
by ARTI PANDEYby ARTI PANDEYछठ पूजा (Chhath Puja) का त्योहार दिवाली के छह दिन बाद मनाया जाता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड समेत देश के कई हिस्सों में छठ पूजा का विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार, छठ पूजा संतान प्राप्ति और उसके खुशहाल जीवन की कामना के लिए कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि होती है। यह व्रत (vrat) तीन दिनों तक चलता है।
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समुद्र मंथन के समय धन्वंतरी वैद्य अमृत कलश लेकर समुद्र से प्रकट हुए थे। आरोग्य की प्राप्ति और उत्तम स्वास्थ्य के लिए धन्वंतरी जयंती पर धन्वंतरी पूजन एवं यज्ञ-हवन करना चाहिए। हमारे शास्त्रों में जीवेम शरद: शतम् अर्थात हम स्वस्थ रहते हुए सौ साल की आयु तक जीवित रहें, ऐसी कामना की गई है।

