गणेश चतुर्थी GaneshChaturthi के दिन हस्त नक्षत्र का योग बन रहा है
GaneshChaturthi 14 सितंबर को है . भगवान गणेश का जन्म दोपहर के समय हुआ था। इसलिए गणेश चतुर्थी के दिन बप्पा की स्थापना के लिए दोपहर का समय सबसे शुभ माना जाता है। 14 सितंबर अभिजीत मुहूर्त दोपहर में दोपहर 11 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। साथ ही इस दिन चित्रा नक्षत्र भी रहेगा। चित्रा नक्षत्र दोपहर में 1 बजकर 55 मिनट तक रहेगा। बता दें कि अभिजीत मुहूर्त के बारे में कहा जाता है कि 28 नक्षत्रों में अंतिम नक्षत्र माना जाता है। इसमें पूजा पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

आइए जानते हैं. इस दौरान भगवान गणेश Ganesh के मंत्रों का जाप करने से भी बड़ा लाभ होता है…
गणपति का मुख्य मंत्र –
“ॐ गं गणपतये नमः” भगवन गणेश के इस मंत्र का जाप करने से आपके जीवन के तमाम विघ्न समाप्त हो सकते हैं
गणपति का षडाक्षर विशिष्ट मंत्र –
“वक्रतुण्डाय हुं ” भी बेहद लाभकारी है. इस मंत्र का जाप करने से आपके किसी कार्य में रुकावट नहीं आती है.
रोजगार प्राप्ति और आर्थिक समृद्धि के लिए
“ॐ श्रीं गं सौभ्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा।” मंत्र का जाप करें.
शीघ्र विवाह और अनुकूल जीवनसाथी के लिए (त्रैलोक्य मोहन गणेश मंत्र )
“ॐ वक्रतुण्डैक दंष्ट्राय क्लीं ह्रीं श्रीं गं गणपते वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा” मंत्र का जाप करें
उच्छिष्ट गणपति का मंत्र-
”ॐ हस्ति पिशाचि लिखे स्वाहा” का जाप करने से आलस्य, निराशा, कलह, संकट आदि दूर हो सकते हैं.

