HEALTH NEWS: कुछ लोग धार्मिक मान्यताओं के चलते शाकाहारी (Vegetarian) अपनाते हैं तो कुछ लोग मोटापा या एक व्यवस्थित डाइट प्लान (Diet plan) के कारण इसे अपने लाइफस्टाइल में शामिल करते हैं. इसमें कोई संदेह नहीं कि वीगन एक हेल्द डाइट है, लेकिन इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं.

डिप्रेशन की समस्या
डाइट से जानवरों से मिलने वाले चीजों को पूरी तरह हटा देने से शरीर में बड़ी कमियां हो सकती हैं. आपके शरीर को कैल्शियम (Calcium) और ओमेगा-3 जैसी विटामिन और मिनरल्स की जरूरत होती है, जो मांस और डेयरी प्रोडक्स से मिलते हैं. बॉडी में ओमेगा-3 फैटी एसिड में कमी होने से डिप्रेशन की समस्या भी हो सकती है.
मेनोपॉज की समस्या
वीगन डाइट को प्रोटीन का स्थायी स्रोत नहीं माना जाता है. वीगन डाइट फॉलो करने वाले इसके लिए टोफू या सोया मिल्क जैसी चीजें खाते हैं. आपको बता दें कि सोया में फाइटोएस्ट्रोजेंस नाम का तत्व होता है जो शरीर में एस्ट्रोजेन लेवल को बढ़ाता है. मेनोपॉज की समस्या में महिलाओं को इसे सप्लीमेंट के तौर पर दिया जाता है. लेकिन ये शरीर में हार्मोन्स (hormones) को अंसतुलित करने की समस्या भी पैदा कर सकता है.
आंतों के लिए नुकसानदायक
शाकाहार में जानवरों से मिलने वाले प्रोटीन को दूर रखा जाता है. इसमें सिर्फ प्लांट बेस्ड फूड यानी जमीन या पौधों में उगने वाली चीजों से मिलने वाला प्रोटीन ही शामिल होता है. इसमें शरीर के लिए फायदेमंद कई और भी तरह के पोषक तत्व होते हैं. हालांकि इसमें मौजूद लैक्टिन और फाइटेट्स नाम के तत्व आंतों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं.
रेड मीट हीमोग्लोबीन का सबसे अच्छा स्रोत
रेड मीट हीमोग्लोबीन (Hemoglobin) का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है. जबकी वीगन डाइट में इसके लिए बेहद कम विकल्प उपलब्ध है. हीमो आयरन न मिलने की वजह से शरीर में बड़ी दिक्कतें पैदा हो सकती हैं. इसकी वजह से भारतीय महिलाओं में एनीमिया की काफी ज्यादा समस्या रहती है. वीगन और वेजिटेरियन डाइट फॉलो करने वालों में ही ऐसी दिक्कतें ज्यादा देखने को मिलती हैं.
विटामिन-बी12 प्रमुख स्रोत मांसाहार
शरीर के लिए जरूरी विटामिन-बी12 के प्रमुख स्रोत मांसाहार हैं. वीगन डाइट फॉलो करने वाले लोगों में B12 की कमी अक्सर देखने को मिलती है. विटामिन B12 की कमी से कमजोरी, थकावट, एनीमिया या भूख ना लगने जैसी शिकायत होने लगती हैं.
सेहत पर काफी बुरा असर
वीगन डाइट से शरीर में ज्यादा कार्बोहाइड्रेट बढ़ने की समस्या भी पैदा हो सकती है. बॉडी में कार्बोहाइड्रेट की ज्यादा मात्रा इंसान के मेटाबॉलिज्म को खराब करती है. साथ ही, इससे नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर, ब्लड शुगर और डीरेगुलेशन की दिक्कतें होने लगती हैं. हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि वीगन डाइट ईटिंग डिसॉर्डर का कारण भी बन सकती है. इसमें इंसान को ऑर्थोरेक्सिया नाम की बीमारी हो सकती है जो आपको खाने की आदतों को बांधकर रखती हैं. इसका सेहत पर काफी बुरा असर होता है.

