Pitru Paksha : पितृ पक्ष 15 दिन तक चलते हैं। इन दिनों में पितरों को याद करके पिंडदान, तर्पण, श्राद्ध कर्म आदि किए जाते हैं। Pitru Paksha
पितृ पक्ष की शुरुआत 26 सितंबर से हो रही है। यह 15 दिनों की अवधि है, जो पितरों को समर्पित है। इस दौरान लोग अपने पूर्वजों को याद करते हैं और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि (Pitru Paksha 2026) में पितरों को जल अर्पित करने जैसे प्रमुख्य अनुष्ठान किए जाते हैं, ताकि पितरों का आशीर्वाद मिल सके । जैसे इन दिनों में खानपान कैसा होना चाहिए। Pitru Paksha
न करें इन चीजों का सेवन (Pitru Paksha 2026)
श्राद्ध की अवधि में मांस आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। यह अवधि पूर्ण रूप से पूर्वजों को समर्पित होती है, जिसमें मांस, मछली, अंडा और शराब का सेवन अशुभ माना जाता है। प्याज और लहसुन तामसिक प्रकृति के माने जाते हैं, इसलिए पितृ पक्ष के दौरान इनके सेवन से भी बचना चाहिए। इस दौरान केवल सात्विक भोजन का ही सेवन करें।
इस तरह लगाएं भोग(Pitru Paksha)
पितृ पूजा के दौरान पूर्वजों और ब्राह्मणों को भोजन अर्पित करने से पहले भगवान विष्णु को उसका भोग लगाएं। उसके बाद ही वह ब्राह्मणों को दें। पितरों के श्राद्ध के दिन जब तक ब्राह्मण को भोजन न करा दें, तब तक खुद भी भोजन नहीं करना चाहिए। ये आपके पितर के प्रति आपकी श्रद्धा को दर्शाता है। इसके अलावा ब्राह्मण को भोजन करवाते समय मौन रहें। ब्राह्मण भोज कराने के बाद पितरों को मन में याद कर भूल चूक के लिए क्षमा याचना करें।
इन बातों का रखें ध्यान (Pitru Paksha)
पुराणों के अनुसार, पितृपक्ष के शुभ व मांगलिक कार्यों की मनाही होती है। इस दौरान किसी जानवर को नुकसान नहीं पहुचाना चाहिए बल्कि इस समय में कौओं, पशु-पक्षियों को अन्न-जल देना फलदायी होता है। इन्हें भोजन देने से पूर्वज संतुष्ट होते हैं।
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