Thyroid Diet : हाइपरटेंशन, हाई कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, फैटी लीवर, कैंसर और थायरॉइड (Thyroid) साइलेंट किलर की लिस्ट में हैं, जो हमारी सेहत को कई तरीकों से प्रभावित कर सकते हैं। Thyroid Diet
इस बीमारी से पीड़ित लोगों को लंबे समय तक इसका पता ही नहीं चलता, और सही समय पर सही इलाज नहीं मिलने पर हालात और भी खराब हो जाते हैं। थायरॉइड एक छोटी सी ग्रंथि है, लेकिन हमारे शरीर के कई जरूरी फंक्शन्स में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। Thyroid Diet
थायरॉइड के प्रकार
थायरॉइड दो प्रकार का होता है। जब थायरॉइड हॉर्मोन का प्रोडक्शन ज्यादा होता है, तो उस सिचुएशन को हाइपरथायरॉइडिज्म कहते हैं और जब हॉर्मोन का प्रोडक्शन कम होता है, तो उसे हाइपोथायरॉइडिज्म कहते हैं।
थायरॉइड से शरीर में होने वाली तमाम तरह की परेशानियों से बचे रहना है, तो खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सिर्फ दवाइयों से बात नहीं बनने वाली। एक्सरसाइज, स्ट्रेस लेवल और स्लीप पैटर्न पर ध्यान देना होगा।
थायरॉइड में आप हर तरह की सब्जियों का सेवन कर सकते हैं। बस ध्यान दें सब्जियों को अच्छी तरह पका कर खाएं। – पोर्शन साइज का ध्यान रखें। एक ही बार में बहुत ज्यादा न खाएं।
कैल्शियम रिच चीज़ों को भी अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। दही, पनीर, दूध ये सारी चीज़ें थायरॉइड मरीजों के लिए लाभदायक होती हैं।थायरॉइड में न करें इन चीज़ों का सेवनथायरॉइड के मरीजों को शराब, कॉफी, ग्रीन टी, कोल्डड्रिंक्स का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। इससे स्थिति और खराब हो सकती है।

थोड़ी-थोड़ी करके खाने की आदत हर तरह से सेहत के लिए अच्छी होती है।- राजमा, बींस ज्यादा से ज्यादा शामिल करें क्योंकि इनमें सेलेनियम होता है, जो थायरॉइड हार्मोन के प्रोडक्शन में महत्वपूर्ण होता है।
कॉपर और आयरन से भरपूर आहार लेना भी थायरॉइड में बहुत फायदेमंद होता है।
Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

