KANPUR BIG NEWS : खाद्य सुरक्षा विभाग ने बिल्हौर में दो कोल्ड स्टोरेज पर छापेमारी कर 5 हजार किलो से अधिक सीमेंट कलर रंगा हुआ आलू जब्त किया। जांच में सामने आया कि साधारण आलू को लाल आलू बनाकर तैयार किया जा रहा था।
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नेपाल और पूर्वांचल में लाल रंग के आलू की डिमांड काफी होने की वजह से वहां पर भेजा जाता है। इससे कारोबारियों को कानपुर से कई गुना लाल आलू के दाम मिलते हैं। KANPUR NEWS
सहायक खाद्य आयुक्त द्वितीय संजय प्रताप सिंह ने बताया कि लाल रंग का आलू पूर्वांचल समेत कई जिलों में काफी पसंद किया जाता है। उसमे अच्छे दाम भी मिलते है। इसलिए वहीं पर भेजा जाता है। फिलहाल चार सैंपल लिए गए है।
सहायक आयुक्त (खाद्य) के नेतृत्व में गठित टीम ने अनुज कोल्ड स्टोरेज और एम्पा कोल्ड स्टोरेज में कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान टीम ने पाया कि साधारण आलू को आर्टिफिशियल कलर से रंगकर लाल आलू के रूप में तैयार किया जा रहा था। जांच में रंगने के लिए सीमेंट कलर फॉर फ्लोर का इस्तेमाल किया जाना सामने आया। टीम के पहुंचते ही अफरा-तफरी मच गई। आलू को रंगने के लिए सीमेंट कलर फार फ्लोर पाया गया।
सीमेंट कलर फॉर फ्लोर का इस्तेमाल
अधिकारियों के अनुसार, आलू को रंगने के लिए सीमेंट कलर फॉर फ्लोर का इस्तेमाल किया जा रहा था। मौके से रंगीन आलू और इस्तेमाल किए गए रंग समेत चार नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जब्त किए गए आलू की कीमत करीब 1.30 लाख रुपये आंकी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
चार नमूने जांच को भेजे
खाद्य सुरक्षा विभाग ने मौके से रंगीन आलू और इस्तेमाल किए जा रहे रंग समेत कुल चार नमूने संग्रहित कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। साथ ही 5 हजार किलो से अधिक रंगे जा रहे आलू को जब्त कर लिया गया है।

