Bhagavadgita : भगवद्गीता में कहा गया है, श्री कृष्ण समस्त पदार्थों के बीज हैं। चर तथा अचर जीव के कई प्रकार हैं। पक्षी, पशु, मनुष्य तथा अन्य सजीव प्राणी चर हैं, पेड़-पौधे अचर हैं- वे चल नहीं सकते, केवल खड़े रहते हैं। Bhagavadgita
प्रत्येक जीव चौरासी लाख योनियों के अंतर्गत हैं, जिनमें से कुछ चर हैं और कुछ अचर किन्तु इन सबके जीवन के बीजस्वरूप श्री कृष्ण हैं। जैसा कि वैदिक साहित्य में कहा गया है कि ब्रह्म या परमसत्य वह है जिससे प्रत्येक वस्तु उद्भूत है।



