Diwali 2026: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, दिवाली (Diwali 2026) कार्तिक महीने की अमावस्या को मनाई जाती है। दीपावली का ये त्योहार धनतेरस (Dhanteras) से शुरू होकर भाई दूज तक चलता है। दिवाली के दिन धन की देवी लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है। इससे मां लक्ष्मी का आशीर्वाद साधक और उसके परिवार पर हमेशा बना रहता है।Diwali 2026
न रखें ऐसी मूर्तियां (Diwali 2026)
अगर आपके घर के मंदिर में भगवान की टूटी या खंडित मूर्ति मौजूद हैं तो दिवाली से पहले इन्हें घर से बाहर जरूर कर दें। वास्तु के अनुसार इस प्रकार की मूर्तियों को घर के मंदिर में रखना शुभ नहीं माना गया। इस प्रकार की मूर्तियों को नदी या तालाब में विसर्जित कर देना चाहिए और इसके स्थान पर नई मूर्तियां स्थापित करनी चाहिए।
कर दें घर से बाहर
दिवाली पर के शुभ अवसर पर घर में टूटी हुई या खराब घड़ी भी नहीं रखनी चाहिए। क्योंकि खराब या रुकी हुई घड़ी को खराब समय का सूचक माना जाता है। साथ ही टूटा हुआ शीशा भी घर में रखना शुभ नहीं माना जाता। ऐसे में दिवाली से पहले ऐसी चीजों को भी घर से बाहर का रास्ता दिखा देना चाहिए।
घर में न रखें ये चीजें
अगर आपके घर में जंग लगा लोहे का सामान पड़ा है तो इसे भी तुरंत बाहर कर देना चाहिए। क्योंकि इन चीजों को घर में रखने से नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही टूटा या बेकार फर्नीचर जैसे कि मेज, कुर्सी या टेबल पड़ा है और खराब पड़े जूते-चप्पल भी दिवाली से पहले घर से बाहर कर देने चाहिए।
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