KANPUR NEWS : वरासत के आधार पर शस्त्र लाइसेंस अपने नाम कराने की फरियाद लेकर नर्वल निवासी अंकुर सिंह कलेक्ट्रेट पहुंचे.
उन्होंने अपनी बात डीएम के समक्ष रखी, लेकिन तक तक उनके मुंह में गुटखा देख डीएम बोले कि ‘तुम्हें असलहा की क्या जरूरत, तुम्हारी पीक ही हत्यार की तरह है’.
यह सुनकर मौजूद लोगों को हंसी आ गई। डीएम ने कहा कि पहले पान मसाला खाना छोड़ो, हालांकि इसके बाद उन्होंने शस्त्र लाइसेंस की प्रक्रिया को लेकर जरूरी दस्तावेज और सत्यापन के बारे में भी जानकारी दी.
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डीएम ने अंकुर से कहा कि वरासत के आधार पर लाइसेंस संबंधी दावे की पुष्टि के लिए परिवार के सदस्यों और स्थानीय स्तर पर सत्यापन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएं. साथ ही निर्देश दिया कि वह माता-पिता, बाबा और ग्राम प्रधान से भी शपथपत्र लेकर आए कि अब उसने पान मसाला छोड़ दिया है और आगे कभी पान मसाला नहीं खाएगा.
स्वास्थ्य को लेकर डीएम ने दी नसीहत
जनता दर्शन में हुई यह बातचीत प्रशासनिक प्रक्रिया के साथ-साथ पान मसाले को लेकर जिलाधिकारी की चुटीली टिप्पणी के कारण भी चर्चा में रही. वहीं, डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि पान मसाला आवेदकों को यह कहने का मकसद सिर्फ इतना है कि वो इस बुरी आदत को छोड़ दें जिससे उनकी सेहत और पैसे दोनों की बचत हो.
अधिकारियों ने भी स्पष्ट किया कि शस्त्र लाइसेंस किसी को केवल पारिवारिक विरासत के आधार पर स्वतः नहीं मिल जाता, बल्कि निर्धारित नियमों और आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी होती है. सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही आवेदन पर नियमानुसार फैसला लिया जाएगा. फिलहाल, यह बातचीत अब चर्चा का विषय बनी हुई है.

