Misfortune Will be Overcome by These Miraculous Remedies of Durva: हिंदू धर्म में दूर्वा (Durva) यानी दूब को बहुत ही पवित्र और पूजनीय माना गया है। दूर्वा विघ्नहर्ता भगवान गणेश (Ganesh ji) को बेहद प्रिय है।
गणेश जी (Ganesh ji) की पूजा अर्चना में इसका इस्तेमाल विशेष रूप से किया जाता है। कहा जाता है कि बिना दूर्वा के भगवान गणेश (Ganesh ji) की पूजा अधूरी मानी जाती है। साथ ही दूर्वा को सदियों से मांगलिक कार्यों में जैसे गृह प्रवेश, मुंडन, विवाह आदि में शामिल किए जाने की परंपरा है।
ऐसा कोई मांगलिक कार्य नहीं है, जिसमें हल्दी और दूब की जरूरत न पड़ती हो। इसके अलावा बुधवार के दिन भगवान गणेश जी की पूजा के दौरान उनको दूर्वा (Durva) अर्पित करने से वे बहुत ही शीघ्र प्रसन्न होते हैं और सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। साथ ही दूर्वा के कुछ उपाय भी बेहद चमत्कारी माने गए हैं। (Misfortune Will be Overcome by These Miraculous Remedies of Durva)
चलिए जानते हैं दूर्वा के इन चमत्कारी उपायों के बारे में….
दूर्वा के उपाय (Misfortune Will be Overcome by These Miraculous Remedies of Durva)
यदि आपके घर में पैसा नहीं टिक रहा और घर पर आर्थिक संकट बना हुआ है, तो आप भगवान गणेश (Ganesh ji) और माता लक्ष्मी को गणेश चतुर्थी या किसी शुभ मुहूर्त पर पांच दूर्वा में 11 गांठे लगाकर चढ़ाएं। ज्योतिष के अनुसार, ऐसा करने से आपको आर्थिक संकट से शीघ्र ही छुटकारा मिलेगा।
मान्यता है कि बुधवार के दिन गणेश मंदिर में दूर्वा की ग्यारह गांठें चढ़ाने से गणेश जी प्रसन्न होते हैं और बुध दोष समाप्त हो जाते हैं। दूर्वा को चढ़ाने के लिए किसी साफ जगह से ही दूर्वा घास को तोड़ना चाहिए।
यदि मन में कोई इच्छा है तो दूर्वा को गाय के दूध में मिलकर उसका लेप बनाएं फिर उसे तिलक के रूप में माथे पर लगाएं। मान्यता है कि इससे आपकी मनोकमना जल्द ही पूर्ण होगी।
ज्योतिष के अनुसार बुधवार के दिन में गाय को दूर्वा की हरी घास खिलाने से आपको गृह कलेश से मुक्ति मिलेगी और परिवार में प्रेम की भावना बढ़ेगी।
ज्योतिष के अनुसार, धन प्राप्ति का अपना उद्देश्य पूरा करने के लिए बुधवार के दिन गणेश जी (Ganesh ji) को 11 या 21 दूर्वा चढ़ाएं। ध्यान रहे कि चढ़ाई गई प्रत्येक दूर्वा जोड़े में हो। इससे भगवान गणेश की असीम कृपा प्राप्त होती है।
प्रथम पूजनीय भगवान गणपति की साधना में दूर्वा का विशेष प्रयोग किया जाता है। गणपति जी की पूजा दूर्वा से करने से कुबेर के समान धन की प्राप्ति होती है।

