कहा जाता है कि बिना दूर्वा के भगवान गणेश (Ganesh ji) की पूजा अधूरी मानी जाती है। साथ ही दूर्वा को सदियों से मांगलिक कार्यों में जैसे गृह प्रवेश, मुंडन, विवाह आदि में शामिल किए जाने की परंपरा है। ऐसा कोई मांगलिक कार्य नहीं है, जिसमें हल्दी और दूब की जरूरत न पड़ती हो। इसके अलावा बुधवार के दिन भगवान गणेश जी की पूजा के दौरान उनको दूर्वा (Durva) अर्पित करने से वे बहुत ही शीघ्र प्रसन्न होते हैं और सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
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Misfortune Will be Overcome by These Miraculous Remedies of Durva: दूर्वा के इन चमत्कारी उपायों से दूर होगा दुर्भाग्य
by ARTI PANDEYby ARTI PANDEY -
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