Nag Panchami 2026: वर्ष 2026 में नाग पंचमी का पवित्र पर्व 17 अगस्त 2026, सोमवार को मनाया जाएगा। इस दिन सावन मास का तीसरा सोमवार भी है, जिससे यह संयोग अत्यंत दुर्लभ और महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पंचमी तिथि 16 अगस्त की शाम 4:52 बजे से शुरू होकर 17 अगस्त की शाम 5:00 बजे समाप्त होगी। Nag Panchami 2026
कहते हैं इस दिन महादेव की पूजा करने और सांपों की पूजा करने से व्यक्ति मनोवांछित फल पा सकता है। वहीं, यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में कालसर्प दोष बन रहा है, तो नागपंचमी का दिन उसके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हो जाता है।
इस दिन कुछ विशेष उपाय करके इस प्रभाव को खत्म किया जा सकता है या उसके प्रभाव को काम किया जा सकता है। आइए जानते हैं इसके बारे में…
कब बनता है कालसर्प दोष
जब राहु और केतु के बीच में सभी ग्रह आते हैं, तो कालसर्प दोष बनता है। इस दोष से पीड़ित व्यक्ति के जीवन में कई तरीके की कठिनाइयों और परेशानियां आती हैं। करियर में ग्रोथ नहीं हो पाती।
आर्थिक और मानसिक समस्याओं से व्यक्ति जूझता रहता है। ऐसे में नाग पंचमी के दिन कुछ विशेष उपाय करने से कालसर्प दोष सहित अन्य सर्प दोष के प्रभाव को खत्म कर सकते हैं।
ये उपाय करें
नाग पंचमी के दिन श्री सर्प सूक्त का पाठ करने से कालसर्प दोष का प्रभाव खत्म होता है और जीवन में आ रही कठिनाइयों से मुक्ति मिलती है।
किसी योग्य ज्योतिषी से सलाह लेकर कालसर्प दोष निवारण पूजा नागपंचमी के दिन करवाने से भी विशेष लाभ मिलता है।
नाग पंचमी के दिन से रोज माथे पर चंदन का तिलक लगाना शुरू कर दें। ऐसा करने से मस्तिष्कों को शांति मिलती है और राहु-केतु के प्रभाव को भी काम किया जा सकता है।
चांदी से बने नाग-नागिन के जोड़े को किसी पवित्र नदी में प्रवाहित करने से कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है। यदि चांदी नहीं खरीद पा रहे हैं, तो तांबे के नाग-नागिन का जोड़ा प्रवाहित करें।
नाग पंचमी के दिन से नियमित रूप से भगवान शिव की पूजा करने और महामृत्युंजय मंत्र का नियमित रूप से जाप करने से भी कालसर्प दोष से राहत मिलती है।
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। JAIHINDTIMES यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है।

