Pitru Paksha : ज्योतिष पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि से पितृ पक्ष का शुभारंभ होता है और आश्विन मास के कृष्ण पक्षी अमावस्या तिथि पर समाप्त हो जाता है।Pitru Paksha
गणेश जी की प्रतिमा घर लाने से पहले जान लें ये अहम नियम
गणेश जी को दूर्वा चढ़ाते समय जरूर बोलें ये मंत्र
Pitru Paksha : मान्यता है कि ऐसा करने से साधकों द्वारा पिंडदान तर्पण और श्राद्ध कर्म इत्यादि कर्म किया जाता है। पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में आ रही कई प्रकार की समस्याएं दूर हो जाती है।
ज्योतिष शास्त्र में कुछ ऐसी वस्तुएं बताई गई हैं, जिनका दान करने से साधक को पितृ दोष से मुक्ति प्राप्त हो जाती है। आइए जानते हैं–
करें इन चीजों का दान (Pitru Paksha)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पितृ पक्ष में किसी जरूरतमंद को भोजन का दान अवश्य करना चाहिए। ऐसा करने से पितर प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को पितृ दोष से मुक्ति मिल जाती है।
पितृ पक्ष में पूजा के दौरान काले तिल का विशेष प्रयोग किया जाता है। ऐसे में किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति या ब्राह्मण को पितृपक्ष की अवधि में काले तिल का दान अवश्य करें। ऐसा करने से पितर प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को कई प्रकार के दोष से मुक्ति मिल जाती है। ऐसा करने से शनि देव की भी कृपा साधक पर बनी रहती है।
UK में चला THALAPATHY VIJAY का जादू
BJP नेता ने हड़पी 6 करोड़ की जमीन, किसान ने किया सुसाइड
पितृ पक्ष (Pitru Paksha) में वस्त्र का दान भी करना चाहिए। इस दौरान किसी जरूरतमंद को धोती, कुर्ता या गमछा का दान करें। साथ ही जूते, चप्पल या छाते का दान करने से पितृ दोष और राहु व केतु के दोष से भी मुक्ति मिल जाती है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पितृ पक्ष में गौ दान को बहुत ही महत्व दिया गया है। मान्यता है कि इस दौरान गौ दान करने से समस्त कुल के पापों का नाश हो जाता है और पितृ दोष से भी मुक्ति प्राप्त हो जाती है। साथ ही पितरों को भी श्री चरणों में स्थान प्राप्त होता है। Pitru Paksha 2025
डिसक्लेमर: इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें।

