Uttar Pradesh News : इलाहाबाद हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने दागी वकीलों का पूरा रिकॉर्ड खंगाल लिया है।
पिछले 10 साल के आंकड़ों की जांच में 41 वकीलों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर, रंगदारी और अपहरण जैसे गंभीर धाराओं में 257 मुकदमे दर्ज मिले हैं। इनमें करीब 50 मामलों में पुलिस फाइनल रिपोर्ट भी लगा चुकी है। KANPUR NEWS
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हाईकोर्ट के आदेश और UP Bar Council के निर्देश के बाद तैयार की गई इस सूची में 23 वकीलों पर गैंगस्टर एक्ट के केस दर्ज हैं। चार वकीलों की हिस्ट्रीशीट पहले से खुली है, जबकि करीब एक दर्जन अन्य की हिस्ट्रीशीट खोलने की प्रक्रिया चल रही है। सबसे ज्यादा मुकदमे कानपुर कोतवाली और कर्नलगंज थाना क्षेत्र से जुड़े मिले हैं।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई कार्रवाई
इटावा के अधिवक्ता मोहम्मद कफील की याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने 3 जून को 61 पन्नों का विस्तृत आदेश जारी किया था। अदालत ने यूपी बार काउंसिल और बार एसोसिएशनों की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए निर्देश दिया था कि वकीलों के खिलाफ दर्ज मामलों की सुनवाई उनके गृह जिले के बजाय 100 किलोमीटर दूर दूसरे जिले में कराई जाए। इसी आदेश के तहत कानपुर के वकीलों से जुड़े मुकदमों की सुनवाई अब उन्नाव में होगी, जबकि उन्नाव के वकीलों के केस कानपुर भेजे जाएंगे।
यूपी बार काउंसिल ने मांगी दागी वकीलों की सूची
23 जुलाई को यूपी बार काउंसिल ने प्रदेश की सभी बार एसोसिएशनों को पत्र भेजकर 15 दिनों के भीतर ऐसे वकीलों की जानकारी मांगी, जिन पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पत्र की प्रति जिला जज, पुलिस कमिश्नर, एसएसपी, एसडीएम और तहसीलदार को भी भेजी गई।
41 वकीलों पर 257 गंभीर मुकदमे
पुलिस जांच में 41 वकीलों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, अपहरण और रंगदारी जैसे गंभीर अपराधों में कुल 257 मुकदमे दर्ज मिले। इनमें से करीब 50 मामलों में पुलिस फाइनल रिपोर्ट लगा चुकी है। इसके अलावा 23 वकीलों पर गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे दर्ज हैं। चार वकीलों की हिस्ट्रीशीट पहले से खुली हुई है, जबकि करीब 12 अन्य के खिलाफ हिस्ट्रीशीट खोलने की कार्रवाई चल रही है।
इन वकीलों पर सबसे ज्यादा केस
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दीनू उपाध्याय पर 23, नारायन सिंह भदौरिया पर 17, दीपक जादौन और सतेंद्र त्रिवेदी पर 16-16, मोहित श्रीवास्तव और योगेंद्र सिंह कुशवाहा पर 13-13, जयंत सिंह उर्फ आशु पर 12, अरुण पांडेय उर्फ पिंटू और आशीष शुक्ला उर्फ आशु पर 11-11, हिमांशु दीक्षित पर 10, राजेंद्र धमाका पर 9, महेश सिंह यादव पर 7 और अखिलेश दुबे पर 6 मुकदमे दर्ज हैं। अन्य कई वकीलों पर भी दो या उससे अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके बाद कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने पिछले 10 वर्षों का रिकॉर्ड खंगालकर सामान्य और गंभीर मामलों की अलग-अलग सूची तैयार की।
कोतवाली में सबसे ज्यादा मुकदमे
आंकड़ों के मुताबिक, कानपुर कोतवाली थाने में 109 वकीलों से जुड़े 112 मुकदमे दर्ज हैं, जो प्रदेश के किसी एक थाने में दूसरी सबसे बड़ी संख्या बताई जा रही है। इसके अलावा कर्नलगंज थाने में 16 वकीलों पर 32 मुकदमे और नवाबगंज थाने में 16 वकीलों पर 18 मुकदमे दर्ज हैं।

