UTTAR PRADESH NEWS : कानपुर नगर निगम (Kanpur Municipal Corporation) बीते कई महीनों से सुर्खियों में है, अपने काम के लिए नहीं घोटालों और धांधली के चलते। अब नगर निगम में गाड़ियों की आपूर्ति में भी धांधली सामने आई है।
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एक न्यूजपेपर में छपी खबर के अनुसार धांधली का जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंची तो वहां से जांच के आदेश जारी हो गए। नगर निगम में सरकारी गाड़ियां खड़ीं हैं और महंगे किराए पर प्राइवेट कंपनियों की गाड़ियां लगाई गईं है। इससे कंपनी को फायदा और नगर निगम को हर माह चपत लग रही है। सीएम कार्यालय से आदेश मिलते ही कमिश्नर ने सीडीओ की अध्यक्षता में जांच कमेटी बना दी है। कमेटी ने जांच शुरू करते हुए नगर निगम से जेटीएन समेत अन्य कंपनियों से आई गाड़ियों से संबंधित दस्तावेज तलब किए हैं।
मंडलायुक्त के विजयेंद्र पांडियन (Divisional Commissioner Vijayendra Pandian) ने बताया कि सीधे सीएम कार्यालय में शिकायत हुई है। सीएम कार्यालय से नगर निगम में लगी गाड़ियों की जांच बैठाई गई है। सीडीओ की अध्यक्षता में जांच कमेटी बना दी गई है। इसमे महंगी दरों पर प्राइवेट गाड़ियां नगर निगम में लगाने की शिकायत हुई है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी।
नगर निगम में करीब 48 से 50 छोटी गाड़ियां जेटीएन कंपनी की लगी हैं। इसके लिए नगर निगम हर महीने 53 से 55 लाख रुपये का भुगतान करता है। इसके अलावा नगर निगम में कई बड़ी गाड़ियां भी चल रही हैं। इस धांधली की शिकायत शासन तक पहुंची तो सीएम कार्यालय ने जांच बैठा दी।
मंडलायुक्त को जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है। जिस पर मंडलायुक्त ने सीडीओ अभिनव जे जैन के नेतृत्व में अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी और अधिशासी अभियंता आरईएस की तीन सदस्य जांच कमेटी बना दी है। कमेटी ने जांच शुरू करते हुए नगर निगम अफसरों से दस्तावेज तलब किए हैं। इसमे गाड़ी सप्लाई करने वाली कंपनी का एमओयू, कार्यकारिणी की स्वीकृति, गाड़ियों की संख्या, टेंडर की स्थिति और किए जाने वाले भुगतान के बारे में लिखित जानकारी नगर निगम से देने को कहा गया है। जानकारी आते ही जांच कमेटी गाड़ियों की भी जांच शुरू कर देगी। इसमे होने वाले भुगतान का अन्य विभागों से भी अध्ययन किया जाएगा।

