Kartik Purnima 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास का आखिरी दिन कार्तिक पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है. इस दिन का सनातन धर्म में विशेष महत्व बताया गया है. Kartik Purnima 2025
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर अपनी राशि के अनुसार करें दान, मिलेगा…
पौराणिक मान्यता है कि इस दिन देवतागण देवलोक से पृथ्वी लोक पर पधारते हैं. इसलिए काशी के गंगा घाटों को मिट्टी के दीयों से भव्यता से सजाया जाता है. कहते हैं कि इस दिन देवतागण पृथ्वी लोक पर देव दिवाली मनाने के लिए पधारते हैं. यही वजह है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन लोग अपने घरों और पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और दीपदायी का पुण्य काम करते हैं.
पूर्णिमा के दिन दान करने की भी परंपरा रही है. चूंकि, पूर्णिमा का दिन धन की देवी मां लक्ष्मी को समर्पित होता है, इसलिए इस दिन दान करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है, लेकिन पावन दिन पर कुछ चीजों का दान बेहद अशुभ माना गया है. ऐसे में आइए जानते हैं कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन किन चीजों का दान भूलकर भी नहीं करना चाहिए.
तेल या जली हुई दीपक की बाती
तेल या इस्तेमाल की हुई दीपक की बाती का दान करना पूर्णिमा या किसी भी शुभ दिन वर्जित है. ऐसा करने से लक्ष्मी का अपमान माना जाता है और घर में दरिद्रता का वास हो सकता है.
लोहे की वस्तुएं
कार्तिक पूर्णिमा के दिन लोहे से बनी वस्तुओं का दान अशुभ माना गया है. यह ग्रह शनि से जुड़ा तत्व है, और इस दिन इसका दान करने से जीवन में कठिनाइयां, आर्थिक हानि या मानसिक तनाव बढ़ सकता है.
काला तिल या काला कपड़ा
काला रंग राहु और शनि ग्रह से जुड़ा होता है. इस दिन इनसे संबंधित वस्तुओं का दान करने से शुभ फल के बजाय नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है. कार्तिक पूर्णिमा के दिन सफेद, पीले या लाल रंग की वस्तुएं दान करना अधिक शुभ माना गया है.
नमक या खाने का अतिरिक्त मसाला
शास्त्रों के अनुसार, नमक का दान कभी भी किसी पर्व या पूर्णिमा तिथि पर नहीं करना चाहिए. नमक चंद्र और शुक्र ग्रह से संबंधित होता है. इसे दान करने से रिश्तों में कड़वाहट और पारिवारिक कलह की संभावना बढ़ सकती है.
पुराने या फटे कपड़े
दान हमेशा पवित्र भाव से किया जाता है, इसलिए कार्तिक पूर्णिमा पर पुराने, मैले या फटे कपड़े देना पाप के समान माना गया है. ऐसा करने से पुण्य के बजाय पाप लगता है और देवी-देवता प्रसन्न नहीं होते.

