Vat Savitri Vrat 2026: प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा और अमावस्या तिथि के दिन वट सावित्री व्रत रखा जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और सौभाग्य के लिए वट सावित्री व्रत रखती हैं। इस विशेष दिन पर वट वृक्ष यानि बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं, वर्ष 2026 में कब रखा जाएगा वट सावित्री व्रत, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि?
तिथि (Vat Savitri Vrat 2026)
ज्येष्ठ अमावस्या व्रत सावित्री व्रत
वट सावित्री व्रत की पूजा के लिए अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक रहेगा, जिसे बेहद शुभ माना गया है। इसके अलावा सुबह 7:12 बजे से 8:24 बजे के बीच भी पूजा-पाठ करना शुभ होगा।
वट सावित्री व्रत पूजा विधि (Vat Savitri Vrat 2026)
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, वट सावित्री व्रत के दिन सुहागिन महिलाओं द्वारा वट यानि बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस वृक्ष में भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश वास करते हैं। इस दिन बरगद के पेड़ की पूजा करने से पति और परिवार को सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है और पति की अकाल मृत्यु का भय टल जाता है। वट सावित्री व्रत के दिन पतिव्रता स्त्री वट वृक्ष की परिक्रमा करती है और चारों ओर कलावा बांधती हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से पति की लंबी उम्र और संतान की प्राप्ति की मनोकामना पूर्ण हो जाती है।

