KANPUR CM DashBoard NEWS : सीएम डैश बोर्ड (CM Dashboard) की गिर रही रैंकिंग पर आलाधिकारी लगाम नहीं लगा पा रहे हैं। अफसरों की ढिठई और लापरवाही के चलते जिले की फजिअत हो रही है।
सीएम डैश बोर्ड की रैंकिंग में भी कानपुर फिसड्डी साबित हुआ। जिले को अगस्त महीने की जारी रैंक में बड़ा झटका लगा। ओवरऑल रैंक में कानपुर 66वें स्थान पर पहुंचा गया। पिछले महीने जिला यूपी में 56वें स्थान पर था। जिले की सबसे खराब स्थिति विकास कार्यों में रही हैं। जिला 14वें स्थान से 52वें पर पहुंच गया।
ढिठई इतनी की प्रत्येक महीने अफसरों की प्रतिकूल प्रविष्टि मिलने के बाद भी सुधार नहीं हो रहा है। डीएम समीक्षा बैठक में अफसरों को लताड, फटकार और बहुत कुछ कहते हैं, मामला वहीं ढाक के तीन पात ही रहता है यानि कोई सुधार नहीं। सीएम योगी भी वीसी कर विकास कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जाहिर करते रहते हैं, लेकिन अफसर अपनी ही धुन में हैं।
आलाधिकारियों की मुसलसल चल रही मीटिंगों का दौर, सीएम की वीसी के बाद भी जिले की सीएम डैश बोर्ड रैंक सुधरने का नाम नहीं ले रही है। यूपी में कानपुर की विकास और राजस्व दोनों ही रैंक खराब आई है। राजस्व की रैंकिंग में कानपुर यूपी में 66 से 68वें स्थान पर पहुंच गया है। रैंक खराब होने के बावजूद जिले के अफसर सुधरने का नाम नहीं ले रहे है। डीआईओएस के प्रोजेक्ट अलंकार योजना में भी कानपुर डी में रहा है। अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी ईशा शर्मा ने बताया कि सीएम डैश बोर्ड रैंक जारी हुई है। अफसरों का पुराना रटरटाया जवाब, अब सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिले की सीएम डैश बोर्ड रैंक खराब होने की मेन वजह समाज कल्याण और डीआईओएस विभाग रहा। समाज कल्याण विभाग की सामूहिक विवाह और पारिवारिक लाभ योजना में दोनों में ही कानपुर को डी पायदान मिला है।

