नवरात्र: नवरात्र के दौरानआठवें अथवा नौवें दिन सुबह के समय कन्या पूजन किया जाता है। माना जाता है कि आहुति, उपहार, भेंट, पूजा-पाठ और दान से मां दुर्गा इतनी खुश नहीं होतीं, जितनी कंजक पूजन और लोंगड़ा पूजन से होती हैं। अपने भक्तों को सांसारिक कष्टों से मुक्ति प्रदान करती हैं।
पूर्ण नहीं होता कन्या पूजन

कन्या पूजन के लिए जिन कन्याओं को अपने घर आमंत्रित करें उनकी उम्र दो वर्ष से कम और नौ वर्ष से अधिक न हो क्योंकि इसी उम्र की कन्याओं को मां दुर्गा का रूप माना गया है। कन्याओं के साथ एक लोंगड़ा यानी लड़के को भी जिमाते हैं। माना जाता है कि लोंगड़े के अभाव में कन्या पूजन पूर्ण नहीं होता। पंचांग के अनुसार जानिए किस दिन करें कंजक पूजन, अष्टमी अथवा नवमी-
अष्टमी तिथि प्रारंभ: 18 अक्टूबर 2026 को सुबह 08:27 बजे
अष्टमी तिथि समाप्त: 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:51 बजे
उदया तिथि: 19 अक्टूबर 2026 को उदया तिथि होने के कारण महाअष्टमी और कन्या पूजन इसी दिन किया जाएगा।

