सनातन धर्म में किसी भी धार्मिक अनुष्ठान में सबसे पहले भगवान गणेश (Ganesha) की पूजा की जाती है। ऐसी मान्यता है कि अगर कोई व्यक्ति हर बुधवार को श्रद्धापूर्वक भगवान गणेश की पूजा करता है, तो उसकी किस्मत बहुत जल्द संवर जाती है। साथ ही व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। भगवान गणेश को मोदक अति प्रिय है। अतः हर बुधवार के दिन पूजा के समय उन्हें मोदक और दूर्वा अवश्य भेंट करें।
आइए जानते हैं…
भगवान गणेश जी (Ganesha) की कृपा पाने के लिए रोजाना दूर्वा और मोदक भेंट करें। एक चीज ध्यान रखें कि दूर्वा हमेशा गणेश जी के मस्तक पर अर्पित करें। इससे गणेश जी बहुत जल्द प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं।
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सनातन धर्म में घर के मुख्य दरवाजे पर शमी पेड़ लगाने का विधान है। शमी पेड़ की पूजा अर्चना करने से भगवान गणेश जी (Ganesha) भी प्रसन्न होते हैं। अतः घर पर शमी का पेड़ जरूर लगाएं। साथ ही शमी पेड़ की सच्ची श्रद्धा से पूजा करें।
धार्मिक मान्यता है कि महज अक्षत और दूर्वा से भी गणेश जी (Ganesha) प्रसन्न हो जाते हैं। इसके लिए पूजा में अक्षत यानी चावल और दूर्वा (घास) जरूर शामिल करें।
अगर कोई व्यक्ति भगवान गणेश की निरंतर एकाग्रचित होकर पूजा करता है, तो उस साधक के जीवन में धैर्य का आगमन होता है। साथ ही निम्न मंत्र का जाप करें।
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
2.गजाननं भूतगणाधिसेवितं,
कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम्।
उमासुतं शोकविनाशकारकम्न,
मामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम्॥
3.कृपा करो गणनाथ
प्रभु-शुभता कर दें साथ।
रिद्धि-सिद्धि शुभ लाभ
प्रभु, सब हैं तेरे पास।।
ये सब मेरे साथ हो-हे गणपति भगवान। पूर्ण करो प्रभु कामना, आपको बारंबार प्रणाम।। इस मंत्र के जरिए व्यक्ति भगवान गणेश से शुभ लाभ देने की कामना करता है।अतः जीवन में व्यापक बदलाव के लिए विनायक चतुर्थी के दिन इन मंत्रों का जरूर जाप करें।

