KANPUR NEWS : प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) उत्तरीपुरा का DM ने औचक निरीक्षण किया। यहां सात कर्मचारियों में से केवल तीन ही ड्यूटी पर उपस्थित मिले।
पीएचसी के पर्यवेक्षण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी सवालों में रही। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिल्हौर के एमओआईसी तथा प्रभारी एसीएमओ द्वारा नियमित निगरानी न किए जाने पर दोनों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
Deputy CM ब्रजेश पाठक बोले- ‘चोटी खींचना महाअपराध’
जिलाधिकारी JP SINGH ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। CMO को निर्देशित किया गया है कि जनपद के सभी स्वास्थ्य केंद्रों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए तथा एमओआईसी स्तर पर जवाबदेही तय कर व्यवस्थाओं में सुधार कराया जाए।
गंगा कटरी में बसे बिल्हौर के जैसरमऊ को मिलेगी नई पहचान
गैरहाजिर डॉ. प्रीति सचान (मेडिकल ऑफिसर), रामानुज (वार्ड बॉय) और कु. ज्योति (स्टाफ नर्स) का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। वहीं चीफ फार्मासिस्ट अशोक श्रीवास्तव का अवकाश आवेदन पत्र उपलब्ध तो था, लेकिन उसे न तो विधिवत दर्ज किया गया था और न ही स्वीकृत किया गया था। इसे अनियमितता मानते हुए उनका भी एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। PHC Uttaripura
Kanpur कलेक्ट्रेट में दो लोगों ने डीजल डालकर आत्मदाह का किया प्रयास
निरीक्षण के दौरान ओपीडी रजिस्टर शासन द्वारा निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं पाया गया। नियमानुसार मरीज के नाम के साथ मोबाइल नंबर दर्ज किया जाना अनिवार्य है, लेकिन यह प्रविष्टियां नहीं की जा रही थीं। मौके पर उपस्थित आयुष चिकित्सक डॉ. सरिता कटियार निर्धारित रजिस्टर के स्थान पर अन्य रजिस्टर का उपयोग कर रही थीं, जिसमें मरीजों के मोबाइल नंबर अंकित नहीं थे। इस पर उनका स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य केंद्र में बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली संचालित नहीं पाई गई और परिसर व कक्षों में साफ-सफाई की स्थिति भी खराब मिली। DM ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए फटकार लगाई तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

