क्या दुनिया एक बार फिर ‘लॉकडाउन जैसे हालात’ की ओर बढ़ रही है? इस बार वजह कोई महामारी नहीं, बल्कि बढ़ता वैश्विक ऊर्जा संकट है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और Strait of Hormuz में रुकावट के कारण कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।
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हालांकि, अभी इसे पूरी तरह लॉकडाउन कहना सही नहीं होगा, लेकिन हालात जिस दिशा में बढ़ रहे हैं, उससे साफ है कि आने वाले समय में आम लोगों की दिनचर्या पर इसका असर पड़ सकता है।

एक न्यूज वेबसाइट के अनुसार तेल महंगा होने का असर अब आम लोगों की जिंदगी पर साफ दिखने लगा है। कई देशों में ईंधन की कमी के चलते राशनिंग शुरू हो गई है, हवाई उड़ानों में कटौती हो रही है और यात्रा महंगी होती जा रही है। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से खाने-पीने की चीजों से लेकर रोजमर्रा के सामान तक सब कुछ महंगा हो रहा है।
दुकानों में सब कुछ महंगा होता जा रहा है. खाद्य सुरक्षा भी खतरे में है क्योंकि खाद्य पदार्थ बनाने के लिए जरूरी खाद भी होर्मुज से आता है. किसान ज्यादा पैसे देंगे तो खाना भी महंगा होगा.
इसी बीच International Energy Agency (IEA) ने ऊर्जा संकट से निपटने के लिए एक 10-पॉइंट प्लान जारी किया है।
इसमें कम यात्रा करने, घर से काम करने, वाहनों के इस्तेमाल को सीमित करने जैसे सुझाव शामिल हैं। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि ये कदम भले ही ‘एनर्जी सिक्योरिटी’ के नाम पर उठाए जाएं, लेकिन इनका असर कहीं न कहीं कोविड लॉकडाउन जैसा महसूस हो सकता है।
ये सुझाव नहीं, बल्कि सरकारों के लिए तैयार प्लान है. IEA कह रही है कि कोविड में यह काम आया था, वैसे ही अब एनर्जी क्राइसिस में काम आएगा.
सरकारें इसे एनर्जी सिक्योरिटी कहेंगी, लॉकडाउन नहीं कहेंगी, लेकिन असर एक ही होगा – आप घर से बिना इजाजत बाहर नहीं निकल पाएंगे.
कोविड में सरकारें स्वास्थ्य के नाम पर लॉकडाउन लगाती थीं. अब ऊर्जा के नाम पर वही काम हो रहा है. जापान, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश, फिलीपींस पहले से राशनिंग कर चुके हैं. अमेरिका में गैस की कीमतें बढ़ी हैं. एयरलाइंस उड़ानें काट रही हैं. यह सब अभी शुरू हो चुका है.
आगे क्या होगा और आपको क्या करना चाहिए?
अगर तेल की कीमतें और बढ़ीं तो ट्रांसपोर्ट, उड़ानें, खेती सब महंगा हो जाएगा. सरकारें धीरे-धीरे राशनिंग और स्पीड लिमिट लगाएंगी. IEA का प्लान कई देशों में लागू होने वाला है. यह स्थायी व्यवस्था बन सकती है – डिजिटल परमिट सिस्टम, जहां आपकी गाड़ी, यात्रा और घरेलू उपकरण भी नियंत्रित होंगे.

