KANPUR NEWS: आर्थिक अभाव किसी पात्र बच्चे की पढ़ाई में बाधा न बने। छात्रवृत्ति (scholarship) के आवेदन समय से पूरे कराना शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी है।
किसी विद्यालय या कॉलेज की लापरवाही से पात्र छात्र-छात्रा छात्रवृत्ति से वंचित हुआ तो संबंधित प्रधानाचार्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। DM जितेंद्र प्रताप सिंह ने शुक्रवार को पूर्वदशम् (कक्षा 9-10) एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजना की कलेक्ट्रेट में आयोजित वर्चुअल समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए।
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जिलाधिकारी ने कहा कि छात्रवृत्ति आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों की पढ़ाई जारी रखने का महत्वपूर्ण माध्यम है। कई बच्चों की आगे की पढ़ाई और उससे जुड़े सपने इस सहायता पर निर्भर होते हैं। धन के अभाव में किसी बच्चे की पढ़ाई न छूटे, इसके लिए विद्यालय और कॉलेज छात्रवृत्ति आवेदनों को प्राथमिकता से निर्धारित समय सीमा में पूरा कराएं। संस्थान स्तर पर आवेदन लंबित रहने अथवा किसी अन्य लापरवाही के कारण कोई पात्र बच्चा छात्रवृत्ति से वंचित नहीं रहना चाहिए।
समीक्षा में कक्षा 9-10 के 5,967 और कक्षा 11-12 के 4,266 आवेदन शैक्षणिक संस्थानों के स्तर पर प्रक्रिया में पाए गए। जिलाधिकारी ने इन सभी आवेदनों का अगले दो दिनों में सत्यापन कर अग्रसारित करने के निर्देश दिए।
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दशमोत्तर छात्रवृत्ति की समीक्षा में पाया गया कि 40 शैक्षणिक संस्थानों में छात्रवृत्ति पोर्टल पर मास्टर डाटा अपडेट करने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। जिलाधिकारी ने इसे 26 सितंबर तक प्रत्येक दशा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में दशमोत्तर छात्रवृत्ति से वंचित रह गए छात्र-छात्राओं के संबंध में सभी शैक्षणिक संस्थानों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उनके आवेदन 28 सितंबर तक अग्रसारित करने को कहा गया।
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कक्षा 9-10 और कक्षा 11-12 के अधिक आवेदन लंबित रखने वाले विद्यालयों की भी अलग से समीक्षा की गई। इनमें जनसेवा इंटर कॉलेज प्रेमपुर, पं. गुरु प्रसाद गया प्रसाद इंटर कॉलेज, चौ. अयोध्या प्रसाद हायर सेकेंडरी स्कूल, यूनाइटेड एजूकेशन बिल्हौर, आयशा सिद्धिकी और हलीम मुस्लिम इंटर कॉलेज शामिल रहे। इन संस्थानों को लंबित आवेदनों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
CDO अभिनव जे. जैन ने कहा कि कॉलेज स्तर पर छात्रवृत्ति संबंधी कार्य में लापरवाही अथवा किसी पात्र छात्र-छात्रा के छात्रवृत्ति से वंचित रहने की स्थिति में संबंधित प्राचार्य अथवा प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने गत वर्ष की तुलना में कम छात्रवृत्ति आवेदन कराने वाले कॉलेजों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जिला विद्यालय निरीक्षक को दिए।
बैठक में डिप्टी कलेक्टर/प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी पुष्पेंद्र कुमार सिंह, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी बीरपाल और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अमित प्रताप सिंह भी उपस्थित रहे।

