KANPUR IGRS NEWS : आईजीआरएस की गिरती रैंक को ठीक करने की कवायद हो रही है। मीटिंगों और नोटिस के बाद भी कोई सुधार नहीं है।
डीएम महेंद्र सिंह तंवर (DM Mahendra Singh Tanwar) ने IGRS शिकायतों की सुनवाई और निस्तारण को लेकर एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) सभी विभागों को जारी किया है।
दिल्ली-NCR में दीपावली पर सिर्फ ग्रीन पटाखे फोड़ सकेंगे
इसमें शिकायतों के निस्तारण को गुणवत्तापूर्ण और समय से किए जाने का निर्देश दिया गया है। किसी भी शिकायत का निस्तारण कार्यालय, आवास या टेबल पर बैठकर न हो, जांच अधिकारी अनिवार्य रूप से मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करें तथा आवेदक शिकायतकर्ता से मिलकर उनकी शिकायत का समाधान करें।
डीएम ने तल्ख रूख अख्तियार करते हुए कहा कि जिन विभागों में असंतोषजनक फीडबैक का प्रतिशत अधिक होगा अथवा डिफॉल्टर की स्थिति उत्पन्न होगी उन विभागाध्यक्षों का वेतन रोकते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि एवं विभागीय कार्यवाही को शासन को संस्तुति कर दी जाएगी।
गलत, अधूरी और बिना साक्ष्य वाली रिपोर्ट अपलोड नहीं
डीएम ने निर्देश दिए हैं कि कोई भी गलत, अधूरी और बिना साक्ष्य वाली रिपोर्ट अपलोड नहीं करेगा। फर्जी निस्तारण या डेटा में हेरफेर पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। शिकायतों को डिफॉल्टर श्रेणी में जाने से बचाने के लिए निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं। विशेष क्लोज का इस्तेमाल भी केवल वास्तविक और उचित मामलों में ही किया जा सकेगा।
संयुक्त टीम गठित करें
भूमि विवाद, पैमाइश, चकरोड, अवैध अतिक्रमण एवं जलभराव जैसे संवेदनशील प्रकरणों में राजस्व, पुलिस एवं संबंधित विभाग (नगर निगम केडीए सिंचाई आदि) की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर स्थायी समाधान कराया जाए।
सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक जनसुनवाई
एसओपी के मुताबिक सभी जिला स्तरीय अधिकारियों, एसडीएम, तहसीलदार और खंड विकास अधिकारियों को सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक अपने कार्यालय में मौजूद रहकर जनसुनवाई करनी होगी। इस दौरान अधिकारी अपनी सीट नहीं छोड़ेंगे। प्राप्त शिकायतों पर औपचारिक कार्रवाई के बजाय मौके पर जाकर जांच और शिकायतकर्ता से सीधा संवाद करना होगा।
निर्देशों के मुताबिक, सभी प्राप्त प्रार्थना पत्र आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज किए जाएंगे। शिकायतों को बिना उचित कारण डिमांड श्रेणी में डालने और पोर्टल के बाहर निस्तारित करने पर रोक लगा दी गई है। प्रत्येक मामले में फील्ड विजिट, जीपीएस टैग फोटो और संबंधित साक्ष्य अपलोड करना अनिवार्य होगा। निस्तारण रिपोर्ट सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर से ही अपलोड की जाएगी।
समीक्षा करने के निर्देश
इसके अलावा सीएम हेल्पलाइन 1076 और कलेक्ट्रेट कंट्रोल रूम की शिकायतों की समीक्षा, बार-बार आने वाली शिकायतों के मूल कारण का समाधान, जनप्रतिनिधियों से मिले ज्ञापनों पर त्वरित कार्रवाई और विभागों के बीच समन्वय बनाकर लंबित मामलों का निस्तारण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को प्रतिदिन सुबह 10 बजे पोर्टल लॉगिन कर शिकायतों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

