Wellness Con-2026 at CSJMU : छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में शुक्रवार को वेलनेस कॉन-2026 के अंतर्गत आयोजित तीसरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वेलनेस का संबंध केवल शारीरिक स्वास्थ्य से नहीं, बल्कि मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक संतुलन से भी है। स्वस्थ मन, सकारात्मक विचार और दृढ़ इच्छाशक्ति ही बेहतर जीवन का आधार हैं।
कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक (VC Professor Vinay Kumar Pathak) ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद स्वास्थ्य और वेलनेस के प्रति जागरूकता बढ़ी है और हमने स्वास्थ्य विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय चिकित्सा पद्धति, आयुर्वेद, वेदों और प्राचीन ऋषियों के ज्ञान में स्वास्थ्य को लेकर व्यापक दृष्टिकोण मौजूद है।
आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के साथ पारंपरिक भारतीय ज्ञान का वैज्ञानिक अध्ययन और समन्वय भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दे सकता है। उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा साइंस की बढ़ती भूमिका तथा इनके माध्यम से उपचार और स्वास्थ्य अनुसंधान में आने वाली संभावनाओं पर भी चर्चा की।
सम्मेलन में ‘आयुर्वेद और ऑटोइम्यून बीमारियां’ विषय पर व्याख्यान दिया गया। इसमें मुख्य वक्ता वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य एवं नीमा वुमेन फोरम की सचिव डॉ. वंदना पाठक ने अपने संबोधन की शुरुआत में जॉग्रेन सिंड्रोम (Sjogren’s Syndrome) और आमवात (Rheumatoid Arthritis) के उदाहरण देते हुए बताया कि आयुर्वेद के माध्यम से इन बीमारियों में उपचार और स्वास्थ्य में सुधार सम्भव हैं। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखने और बीमारियों से बचाव के लिए ओजस, व्याधिक्षमत्व और अग्नि का विशेष महत्व है।
कार्यक्रम में GVSM COLLEGE के प्राचार्य डॉ. संजय काला, सुधांशु पांड्या, प्रो. राजेश कुमार त्रिवेदी, प्रो. एसके कटियार और डॉ. एएस प्रसाद सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

