KANPUR IGRS RANK : आईजीआरएस रैंक फिर एक पायदान फिसल गई है। अक्टूबर में शिकायतों के निस्तारण में प्रतिशत और अंकों में जरूर बढत मिली, लेकिन 75 जिलों में 72वीं रैंक है।
प्रशासन की ओर से जारी नोटिसों का भी कोई प्रभाव विभागाधिकारियों पर नहीं पड रहा है। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि निगेटिव फीडबैक वालों विभागों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिकायतों के निस्तारण में जनपद 72वें स्थान पर है। इस दफा 140 में 113 अंक और 80.71 प्रतिशत है। सितंबर महीने से प्रतिशत और अंक में कुछ सुधार है, लेकिन रैंक एक अंक लुढक गई। पिछले महीने की रैंक 71वीं, 80 प्रतिशत और 140 में 112 अंक थे। रैंक गिरने का कारण दफ्तर बैठे शिकायतों के निस्तारण और उसके बाद फीडबैक निगेटिव बताया जा रहा। डीएम के कई प्रयास के बाद भी अफसरों और कर्मचारियों की लंबी फौज भी आईजीआरएस की रैंकिंग को संभालने में नाकामयाब साबित हो रही ।
शासन जनता की शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर काफी गंभीर है। सीएम योगी भी आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण में गलत और फर्जी रिपोर्ट लगाने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दे रखे हैं। इसके बाद भी कुछ विभाग ऑन टेबल ही शिकायतों के निस्तारण कर रहे हैं, जिससे जनपद की फजीअत हो रही है।
एडीएम सिटी ने नौ विभागों को जारी किया कारण बताओ नोटिस
कुछ विभागों की लापरवाही से IGRS रैंक में सुधार न होने पर अब प्रशासन सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा। गिरती रैंक पर ADM CITY सौरभ सिंह ने बीते रोज नौ विभागों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। अधिशासी अभियंता केस्को (आईजीआरएस), जिला पूर्ति अधिकारी, SDM घाटमपुर, नोडल अधिकारी (आईजीआरएस) नगर निगम, ACM 5, औषधि निरीक्षक, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, BSA, उप श्रमायुक्त कानपुर नगर को कारण बताओ नोटिस भेजा है।
सभी विभागों को एसओपी जारी
डीएम का सख्त रुख़, ऑन टेबल न हो शिकायतों का निस्तारण
डीएम महेंद्र सिंह तंवर (DM Mahendra Singh Tanwar) ने IGRS शिकायतों की सुनवाई और निस्तारण को लेकर एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) सभी विभागों को जारी किया है।
इसमें शिकायतों के निस्तारण को गुणवत्तापूर्ण और समय से किए जाने का निर्देश दिया गया है। किसी भी शिकायत का निस्तारण कार्यालय, आवास या टेबल पर बैठकर न हो, जांच अधिकारी अनिवार्य रूप से मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करें तथा आवेदक शिकायतकर्ता से मिलकर उनकी शिकायत का समाधान करें।
डीएम ने तल्ख रूख अख्तियार करते हुए कहा कि जिन विभागों में असंतोषजनक फीडबैक का प्रतिशत अधिक होगा अथवा डिफॉल्टर की स्थिति उत्पन्न होगी उन विभागाध्यक्षों का वेतन रोकते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि एवं विभागीय कार्यवाही को शासन को संस्तुति कर दी जाएगी।
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