KANPUR NEWS : सुबह 11 बजे निचली गंगा नहर, कानपुर प्रखंड कार्यालय के आकस्मिक निरीक्षण में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह को अधिशासी अभियंता समेत चारों सहायक अभियंता, दो लिपिक एवं एक सींचपाल कार्यालय से अनुपस्थित मिले।
BREAKING NEWS: छात्र आंदोलन के बाद पुलिस कमिश्नर हटाए गए
मानसून के दौरान नहरों और तटबंधों की निगरानी जैसे संवेदनशील समय में जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के एक साथ अनुपस्थित मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। जिलाधिकारी ने चार सहायक अभियंताओं, तीन लिपिक एवं एक सींचपाल के विरुद्ध एक दिन के वेतन संबंधी कार्रवाई के निर्देश दिए, जबकि अधिशासी अभियंता से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया है।
UP PCS Transfer: 41 PCS अफ़सरो के तबादले, देखिये पूरी लिस्ट
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता के अधीन कार्यरत चारों सहायक अभियंता सार्थक, प्रशांत वर्मा, राम प्रकाश एवं विनोद कुमार कार्यालय में उपस्थित नहीं मिले। उनकी अनुपस्थिति के संबंध में कोई पूर्व अनुमति अथवा स्वीकृत अवकाश का अभिलेख उपलब्ध नहीं था। वहीं, उपस्थिति पंजिका के परीक्षण में सींचपाल संजय कुमार गुप्ता के साथ लिपिक वीरेंद्र कुमार माथुर, एन.के. पटेल व ज्योति खाना भी अनुपस्थित पाए गए।
जिलाधिकारी ने चारों सहायक अभियंताओं, लिपिक वीरेंद्र कुमार माथुर, लिपिक एन.के. पटेल, ज्योति खन्ना एवं सींचपाल संजय कुमार गुप्ता को 28 जुलाई के लिए अनुपस्थित मानते हुए नियमानुसार एक दिन के वेतन संबंधी कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पृथक-पृथक स्पष्टीकरण प्राप्त कर तीन दिन के भीतर तथ्यपरक संस्तुति सहित आख्या उपलब्ध कराने को कहा।
अधिशासी अभियंता से भी तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। उनसे पूछा गया है कि वर्षा ऋतु जैसी संवेदनशील परिस्थितियों में वह स्वयं तथा सभी सहायक अभियंता बिना पूर्व अनुमति कार्यालय से अनुपस्थित क्यों पाए गए तथा क्षेत्रीय स्तर पर नहरों एवं तटबंधों की निगरानी किस प्रकार सुनिश्चित की जा रही थी।
जिलाधिकारी ने कहा कि वर्षा ऋतु में नदियों एवं नहरों के जलस्तर में वृद्धि की संभावना के मद्देनजर नहरों, तटबंधों, पुल-पुलियों, जल निकासी व्यवस्था तथा अन्य संरचनाओं की सतत निगरानी और संभावित कटान की स्थिति में त्वरित कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है। ऐसे संवेदनशील समय में अधिशासी अभियंता समेत सभी सहायक अभियंताओं का एक साथ कार्यालय से अनुपस्थित पाया जाना अत्यंत गंभीर है।
निरीक्षण के दौरान कार्यालयीय अनुशासन में भी गंभीर कमियां सामने आईं। सहायक अभियंताओं द्वारा उपस्थिति पंजिका पर नियमित हस्ताक्षर नहीं किए जा रहे थे। कार्यालय में भ्रमण पंजिका (मूवमेंट रजिस्टर) भी उपलब्ध नहीं मिली। इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल भ्रमण पंजिका तैयार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालय से बाहर जाने वाले प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी का समय, स्थान, भ्रमण का उद्देश्य तथा वापस लौटने का समय अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए। साथ ही सभी राजपत्रित अधिकारियों को प्रतिदिन उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी नहरों, तटबंधों एवं अन्य संवेदनशील स्थलों का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थलों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। ऐसे स्थलों पर जलस्तर, कटान, तटबंधों की स्थिति एवं अन्य संभावित जोखिमों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचना देते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने वर्षा ऋतु के दौरान अधिशासी अभियंता एवं सभी सहायक अभियंताओं की क्षेत्रवार जिम्मेदारी निर्धारित करने, प्रत्येक अधिकारी के मोबाइल नंबर एवं वैकल्पिक संपर्क व्यवस्था अद्यतन रखने तथा नहरों एवं तटबंधों का निरीक्षण केवल अभिलेखों तक सीमित न रखकर नियमित स्थलीय निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पटल सहायकों के कार्यों की समीक्षा में भी कई कर्मचारी अपने पटल से संबंधित कार्यों का संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके, जिस पर जिलाधिकारी ने कार्यप्रणाली में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि वर्षा ऋतु के दौरान किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी क्षेत्र में सक्रिय रहकर नियमित निरीक्षण करें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।

