Uttar Pradesh News: दिल्ली से सटे नोएडा की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. Uttar Pradesh News
हाईकोर्ट बोला- सरकार की कहानी मनगढ़ंत, डीएम सैलरी से 5 लाख मुआवजा दें
कोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा आकृति चौधरी को अवैध रूप से NSA के तहत हिरासत में रखने के मामले में 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया गया था. हाईकोर्ट ने यह रकम जिलाधिकारी और मामले के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के वेतन से वसूलने का निर्देश दिया था.
जिलाधिकारी की ओर से अब सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की गई है. पिछले बुधवार को ही जिलाधिकारी के सुप्रीम कोर्ट जाने की जानकारी सामने आई थी. वरिष्ठ अधिवक्ता एसजी मेहता ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया की बेंच के सामने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही थी.
हाईकोर्ट ने NSA की कार्रवाई को माना था गलत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2 सितंबर को 24 साल की दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा आकृति चौधरी के खिलाफ रासुका यानी NSA के तहत जारी हिरासत के आदेश को रद्द कर दिया था. कोर्ट ने कहा था कि आकृति को हिरासत में रखना कानून के मुताबिक सही नहीं था. कोर्ट ने आकृति को 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया था. यह रकम गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी और इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार दूसरे अधिकारियों के वेतन से वसूल की जानी है.
कोर्ट ने मौलिक अधिकारों का दिया था हवाला
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की पीठ ने की थी. पीठ ने अपने फैसले में कहा था कि आकृति चौधरी को हिरासत में रखने से उनके संविधान में मिले अधिकारों का उल्लंघन हुआ. कोर्ट ने खास तौर पर संविधान के अनुच्छेद 21 का जिक्र किया था. अनुच्छेद 21 हर व्यक्ति को जीवन और व्यक्तिगत आजादी का अधिकार देता है. अब जिलाधिकारी की ओर से हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. ऐसे में आगे सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर सभी की नजर रहेगी.

