Do Not Ignore The Severe Pain in Periods: हर महीने महिलाओं के लिए एक समय ऐसा होता है जो सिर्फ तकलीफों और दर्द से भरा होता है। पीरियड्स (Periods), लड़कियों और महिलाओं के जीवन की एक सामान्य प्रक्रिया है।
इस दौरान पेट और कमर के निचले हिस्से में दर्द होना सामान्य सी बात है, लेकिन पीरियड्स के दौरान सभी को एक समान दर्द नहीं होता, बल्कि किसी को कम तो किसी को काफी ज्यादा दर्द होता है। (Do Not Ignore The Severe Pain in Periods)
पीरियड्स में अगर आपको हद से ज्यादा दर्द होता है तो उसे सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें। आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। कई बार ये दर्द अपने साथ कई गंभीर बीमारियां भी ले कर आता है।
एंडोमेट्रिओसिस (Do Not Ignore The Severe Pain in Periods)
एंडोमेट्रियोसिस एक ऐसी समस्या है जिसमें गर्भाशय की लाइनिंग बनाने वाले टिश्यू से मिलता हुआ ऊतक गर्भाशय की गुहा के बाहर उत्पन्न होने लगता है। गर्भाशय की लाइनिंग को एंडोमेट्रियम कहते हैं। जब ओवरी, बाउल और पेल्विस की लाइनिंग के टिश्यू पर एंडोमेट्रियल टिश्यू विकसित होने लगते हैं, तब एंडोमेट्रियोसिस की समस्या विकसित होती है। इससे महिलाओं की प्रजनन क्षमता में कमी आ सकती है। इस समस्या से लगभग एक-तिहाई महिलाओं को प्रेग्नेंट होने में परेशानी होती है। इससे बांझपन का भी खतरा होता है।
एंडोमेट्रियोसिस के लक्षण (Do Not Ignore The Severe Pain in Periods)
पीरियड्स के दौरान तेज दर्द के साथ ज्यादा ब्लड का आना और पीरियड्स का अनियमित होना।
पेशाब के समय दर्द होना, हर समय थकान महसूस होना।
यूटेराइन फाइब्रॉइड्स (Do Not Ignore The Severe Pain in Periods)
पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज महिलाओं में होने वाला एक प्रकार का इंफेक्शन है। यह क्लेमाइटडिया या गोनोरिआ जैसी सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज की सबसे गंभीर स्थिति है। इस बीमारी के कुछ अधिक लक्षण नहीं होते, लेकिन अगर संभोग के दौरान दर्द होता है और पीरियड्स (Period) काफी दिनों तक आते हैं, तो आपको तुरंत डॉक्टर से मिलने की जरूरत है।
पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (Do Not Ignore The Severe Pain in Periods)
महिलाओं के प्रजनन अंगों में होने वाले इंफेक्शन को पेल्विक इन्फ्लेमेट्री बीमारी कहते हैं। ऐसा तब होता है जब किसी सेक्शुअल एक्टिविटी के दौरान बैक्टीरिया वेजाइना के जरिए पेल्विक तक पहुंच जाता है। आमतौर पर इस बीमारी के कोई लक्षण नहीं दिखते हैं। इस तरह की पेरशानी का पता देर में लगता है, मसलन कोई लंबे समय से कंसीव करने में दिक्कत आ रही हो या फिर पेल्विक में काफी समय से दर्द रहता हो।

