HIGH COURT NEWS: बिकरु कांड (bikru kand) में कुख्यात विकास दुबे (Vikas Dubey) के खजांची जयकांत बाजपेई समेत 5 आरोपियों की हाईकोर्ट ने सशर्त जमानत याचिका मंजूर कर ली है। HIGH COURT NEWS
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2 जुलाई 2020 की देर रात घटना को अंजाम दिया गया था, जिसमें बिल्हौर सीओ देवेंद्र मिश्र समेत 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। मामले के आरोपी बीते 5 सालों से जेल में है। हालांकि कई अन्य केस लंबित होने के कारण अभी आरोपी जेल से बाहर नहीं आएंगे। HIGH COURT
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2 जुलाई 2020 को हुई थी जघन्य वारदात
चौबेपुर थानाक्षेत्र के बिकरु गांव में 2 जुलाई 2020 की देर रात पुलिस टीम ने कुख्यात विकास दुबे (Vikas Dubey) के घर दबिश दी थी। इस दौरान विकास दुबे व उसके साथियों ने छत से घेराबंदी कर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी थी। जिसमें बिल्हौर सीओ देवेंद्र मिश्र, शिवराजपुर थाना प्रभारी महेंद्र चंद्र यादव, मंधना चौकी इंचार्ज अनूप कुमार सिंह, सब इंस्पेक्टर नेबू लाल, सिपाही सुल्तान, राहुल, बब्लू, जितेंद्र शहीद हो गए थे।
विकास दुबे समेत 6 का हुआ था एनकाउंटर
इसके साथ ही कई अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए थे। घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। पुलिस टीम ने विकास दुबे व उसके 6 साथियों का एनकाउंटर में ढेर किया था। वहीं पुलिस ने विकास के खंजाची जय बाजपेई, दयाशंकर अग्निहोत्री, सुरेश वर्मा, विष्णु पाल उर्फ जिलेदार, मनीष कुमार द्विवेदी समेत 21 नामजद व 60–70 अज्ञात के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास समेत अन्य संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
अभियोजन पक्ष की ओर से 102 गवाह
इस जघन्य वारदात के बाद से आरोपी जेल में बंद है। आरोपियों की ओर से हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति सिद्धार्थ की खंडपीठ में जमानत याचिका दाखिल की गई थी। जयकांत के वकील भूपेंद्र पाल, प्रमोद कुमार श्रीवास्तव व दयाशंकर अग्निहोत्री, सुरेश वर्मा, विष्णु पला व मनीष कुमार द्विवेदी के वकील एडवोकेट अश्वनी त्रिपाठी ने हाईकोर्ट में तर्क दिया कि अभियोजन पक्ष की ओर से 102 गवाह हैं।
अब तक 13 गवाहों के हुए बयान
जिनमें से अब तक मात्र 13 गवाहों के बयान दर्ज किए गए है। इसके साथ ही पूर्व में कई अन्य आरोपियों को मुकदमे में जमानत मिल चुकी है। जिसके बाद हाईकोर्ट ने आरोपियों की सशर्त जमानत मंजूर की। हाईकोर्ट ने आदेश दिए कि आरोपी साक्ष्यों के साथ न ही छेड़छाड़ करेंगे और न ही गवाहों को धमकाएंगे।
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शर्ताें के उल्लंघन पर निरस्त होगी जमानत
वहीं आरोपी वचन पत्र दाखिल करेंगे कि वह गवाहों की तय तिथियों पर स्थगन नहीं मांगेगे। वहीं हर सुनवाई में आरोपी को कोर्ट में हाजिर होना पड़ेगा। शर्ताें का उल्लंघन करने पर जमानत रद हो जाएंगी।

