KANPUR DM vs CMO : DM Jitendra Pratap Singh और सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी (Dr. Haridatt Nemi) विवाद का पदाक्षेप सीएमओ के संस्पेड होने पर हो गया, लेकिन अब डॉक्टर हरिदत्त नेमी ने प्रेस कांफ्रेंस कर डीएम पर कई आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अब वह इस मामले में हाईकोर्ट तक जाएंगे। KANPUR DM vs CMO
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DM Jitendra Pratap Singh ने कहा कि निलंबित अधिकारी द्वारा निर्णय पर प्रतिकूल टिप्पणी करना और सभी अधिकारियों पर असत्य और नितांत निराधार आरोप लगाना घोर अनुशासनहीनता है। समस्त तथ्यों से सक्षम स्तर को अवगत कराते हुए आवश्यक वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
सस्पेंड होने के बाद CMO ने सीएम योगी को लेटर लिखा। कहा- सपा के लिए काम रहे डॉक्टर का ट्रांसफर रद्द न करने पर डीएम साहब आगबबूला हो गए। उन्होंने कहा कि तुम दलित जाति के मंदबुद्धि व्यक्ति हो। तुम्हें पैसा कमाना नहीं आता, न ही सिस्टम की समझ है। डीएम साहब मुझसे वसूली चाहते थे। अपने निलंबन में दलित एंगल जोड़ते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाने के संकेत दिए. वहीं, विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कवायद तेज कर दी है.
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CMO डॉ. हरी दत्त नेमी की जगह श्रावस्ती के ACMO डॉ. उदयनाथ को कानपुर का नया सीएमओ बनाया गया है। हरी दत्त नेमी को हेड ऑफिस से अटैच कर दिया गया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने डॉ. हरी दत्त नेमी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं।
योगी को लिखे लेटर में CMO ने DM पर तीन तरह के आरोप लगाए-
1- राजनीतिक
14, दिसंबर 2024 को मुझे कानपुर का CMO बनाया गया। 4 दिन बाद मैंने पदभार ग्रहण किया। इसके बाद जनप्रतिनिधियों से मुझे शिकायतें मिलीं कि डॉ. सुबोध प्रकाश यादव, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी भंडार/नोडल अधिकारी नर्सिंग होम के पद पर 20 वर्षों से अधिक समय से तैनात हैं, जो भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं। यही नहीं, वे सपा के लिए भी काम करते हैं। इससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है।
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मैंने जांच में पाया कि डॉ. सुबोध नियमों के खिलाफ और पार्टी विशेष के लिए काम कर रहे हैं। भ्रष्टाचार में भी लिप्त हैं। इस कारण मैंने डॉ. सुबोध को हटाकर उन्हें जिला क्षय रोग अधिकारी की जिम्मेदारी दे दी। डॉ. सुबोध अपने ट्रांसफर से बौखला गए। इसी बीच, मुझे डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने बुलाया। उन्होंने मुझसे कहा- डॉ. सुबोध का ट्रांसफर तत्काल निरस्त कर दीजिए। तुम्हें सपा और भाजपा से क्या लेना-देना है? मैंने कहा कि डॉ. सुबोध प्रकाश यादव भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं। एक विशेष पार्टी के लिए काम करते हैं।
कानपुर नगर के आम जनमानस और जनप्रतिनिधियों की काफी शिकायतें हैं, जिसके चलते उनका ट्रांसफर निरस्त नहीं किया जा सकता। इसके बाद डीएम साहब ने मुझसे कहा- जो मैं कहता हूं, वही करो। किसी भी जनप्रतिनिधि की नहीं सुननी है। सपा और भाजपा से हमारा-तुम्हारा कोई लेना-देना नहीं है, जो मैं कहता हूं, वही करो।
2- करप्शन
डीएम साहब ने मुझसे सीबीआई से चार्जशीटेड फर्म ‘जेएम फार्मा’ को एक करोड़, साठ लाख, सैंतालीस हजार रुपए का भुगतान करने को कहा। मैंने कहा- आपके कहने पर मैंने जांच समिति गठित कर जांच करवाई है, जिसमें यह फर्म सीबीआई जैसे गंभीर भ्रष्टाचार में चार्जशीटेड पाई गई है। स्वास्थ्य विभाग से भी इस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं।
3- जातीय कमेंट
ऐसी स्थिति में मैंने फर्म को भुगतान नहीं किया। इस पर डीएम साहब आगबबूला हो गए। उन्होंने मुझसे कहा-तुम दलित जाति के मंदबुद्धि व्यक्ति हो, तुम्हें पैसा कमाना नहीं आता। न ही सिस्टम की समझ है। डीएम साहब मुझसे वसूली चाहते थे। उन्होंने यह भी कहा-सारे लोग सिस्टम में हैं, तुम क्यों नहीं?
मैंने कानपुर नगर को सीएम डैशबोर्ड पर कई कार्ययोजनाओं में राज्य में प्रथम स्थान दिलाया है। इन सबके बावजूद डीएम साहब दलित अधिकारी को प्रताड़ित करने लगे। वे मुझे सरेआम मीटिंग से निकालने लगे। जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए प्रताड़ित किया। इसलिए एक अनुसूचित जाति के अधिकारी की रक्षा करें और न्याय दिलाएं।
विपक्ष को मिला मुद्दा, सरकार को घेरा
कानपुर के सीएमओ रहे हरि दत्त नेमी ने दलित कार्ड खेला तो विपक्ष को तो जैसे बैठे बिठाए मुद्दा मिल गया. समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने आरोप लगा दिया कि योगी सरकार में तो दलितों पर अत्याचार हो रहा है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने तो यहां तक कह दिया कि बीजेपी सरकार घनघोर दलित विरोधी है.

