KANPUR NEWS : तीन साल से एक छत के नीचे मंडलीय कार्यालय निर्माण की कवायद अब तक चल रही है। दो मंडलायुक्त का तबादला हो चुका है और अब नए मंडलायुक्त के विजयेन्द्र्र पांडियन (Divisional Commissioner K Vijayendra Pandian) ने फिर से जमीन खोजे जाने का आदेश दिया है। KANPUR NEWS
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पूरा प्रशासन आलाधिकारी के आदेश के बाद जमीन खोजने में लग गया है। इस दफा चार जगह चिह्नित की जा रही है। इसमें चुन्नीगंज शनि मंदिर के सामने की जमीन, परमट के पास पेट्रोल पंप पीछे की जमीन, भैरावघाट के पास, पुलिस कमिश्नर आवास के सामने की जमीन। वहीं इस लेटलतीफी पर कमिश्नर कुछ बोलने को तैयार नहीं।
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कैसे बनना है नया मंडलायुक्त कार्यालय
अफसरों और लोगों की भागदौड़ कम करने के लिए मंडलीय कार्यालयों को एक छत तले लाने की कवायद आगे बढ़ी है। शासन स्तर पर सहमति व बजट मिलने के बाद भवन निर्माण होगा और वहां 45 मंडलीय कार्यालय शिफ्ट किए जाएंगे।
मंडल के जिलों फर्रुखाबाद, औरैया, इटावा, कानपुर देहात, कन्नौज व कानपुर नगर के लोगों को काम के लिए अलग-अलग मंडलीय कार्यालयों में अक्सर आना पड़ता है। राज्य सरकार के सभी मंडलस्तरीय कार्यालय अब एक ही छत के नीचे होंगे। इनमें उप निदेशक पंचायत, उप निदेशक पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, समाज कल्याण, उप निदेशक उद्यान समेत सभी विभागों के कार्यालय एक ही परिसर में हों ऐसा प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में जिला प्रशासन से भूमि आवंटित करने के लिए कहा गया है। वहां मीटिंग हाल भी बनेगा ताकि मंडलायुक्त या अन्य अफसर बैठकें कर सकें। ये भवन बहुमंजिला बनेंगे तो सभी कार्यालय वहां आ जाएंगे। वाहनों को खड़ा करने के लिए गैराज बनेंगे। तत्कालीन मंडलायुक्त ने कानपुर विकास प्राधिकरण को एकीकृत मंडलीय कार्यालय के लिए जमीन तलाशने का जिम्मा सौंपा था।
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फिर प्रशासन ने जमीन खोजना शुरू कर दिया
पहले कल्याणपुर, बिधनू व महाराजपुर में खाली जमीन देखी जा रही थीए लेकिन शहर से दूरी के कारण इसपर मनाही हो गई। फिर प्राधिकरण ने मर्चेंट्स चैंबर के सामने ब्रिटिश शासनकाल में निर्मित मैकराबर्ट्स अस्पताल की जमीन चिह्नित की। इसका प्रस्ताव बनाकर केडीए अफसरों ने शासन को भेज दिया, लेकिन मामला रूक गया। बताया जा रहा है कि अस्पताल की जमीन में इसकी मंजूरी नहीं मिल सकती है। पूरी तैयारी के बाद एक दफा फिर मंडलीय कार्यालय निर्माण की जमीन नहीं मिली। कुछ महीने बाद अब प्रशासन ने जमीन खोजना शुरू कर दिया है।
यह होगी व्यवस्था और लाभ
प्रमुख सचिव, अपर मुख्य सचिव समेत अफसर यहां बैठक कर सकेंगे।
वाहनों को खड़ा करने के लिए गैराज का भी निर्माण किया जाएगा।
200 से 250 लोगों की बैठक के लिए सभागार भी बनेगा।
मंडल स्तर के अफसरों व कर्मियों के लिए अलग-अलग कक्ष बनेंगे।
जनता को एक से दूसरे कार्यालय जाने में सहूलियत होगी।
अफसरों को भी फाइलें एक से दूसरी जगह मंगाना आसान होगा।

