छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में Goswami Tulsidas की जयंती पर एक संगोष्ठी का आयोजन सनातन सेवा सत्संग कानपुर प्रांत एवं श्रीमद्भागवतगीता एवं वैदिक वांगमय शोधपीठ की ओर से किया गया। Birth anniversary of Goswami Tulsidas
इसका विषय श्रीरामचरितमानस एवं श्रीमद्भागवत गीता में जीवन प्रबंधन रहा। समारोह का शुभारंभ प्रदेश के उप CM बृजेश पाठक, स्वामी प्रबुद्धानंद, वीरेंद्र याज्ञनिक, अजय याज्ञनिक, महापौर प्रमिला पांडेय, विधायक नीलिमा कटियार, सुरेंद्र मैथानी व कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने किया।
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चिन्मय मिशन इंदौर से आए स्वामी प्रबुद्धानंद (Swami Prabuddhananda Ji) ने कहा ‘हमेशा से कहा जाता है कि कर्म करें और फल की इच्छा न करें। मगर, ये गलत है। कर्म करें और फल की इच्छा जरूर करें। जब फल की इच्छा होगी तो ही कर्म अच्छा होगा। जीवन को संवारना है तो तीन बातों का ध्यान रखें। पहला कर्म, दूसरा भावना और तीसरा विचार। युवा ध्यान रखें कि जीवन लक्ष्यहीन न हों। लक्ष्य के अनुसार ही अपनी दिनचर्या को पूरा करें। जीवन में कुछ भी अच्छा हो क्रेडिट ईश्वर को ही दें।
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उन्होंने कहा कि मानव शरीर के रोग तो एक फिजीशियन दवा देकर ठीक कर सकता है, लेकिन मन के रोगों का इलाज किसी NEURO फिजीशियन के पास नहीं है। वह सिर्फ नींद आने और उसे भगाने की दवा दे सकता है। मगर मन के रोगों को दूर नहीं कर सकता। क्योंकि इसका इलाज किसी डॉक्टर के पास नहीं बल्कि संत या ग्रंथ के पास है। ऐसे ही दो ग्रंथ हैं श्रीरामचरित मानस और श्रीमदभगवत गीता, जो जीने की राह दिखाने के साथ जीवन प्रबंधन बताते हैं। रामचरित मानस अपने आप में ही पूरा मैनेजमेंट है। इसमें सास-ससुर, भाई-भाई, राजा-प्रजा आदि सभी का मैनेजमेंट सिस्टम समझाता है।
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक समेत सभी अतिथियों ने कैम्पस में साढ़े तीन फीट की संगमरमर की गोस्वामी तुलसीदास की प्रतिमा स्थापित की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने छात्रों को तुलसीदास जी की तरह ज्ञान प्राप्ति के लिए दृढ़ संकल्पित होने के लिए प्रेरित किया।
सुंदरकाण्ड की मधुर चौपाइयों से गूंजा CSJMU
विवि के लक्ष्मीबाई सभागार में शाम को मानस मयंक पंडित अजय याज्ञनिक ने संगीतमय सुंदरकाण्ड का पाठ किया। सभी ने भगवान हनुमान के साहस और शौर्य की गाथा सुनी। इस दौरान पूरा विवि सुंदरकाण्ड की मधुर चौपाइयों से गूंज उठा। इस मौके पर कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक, वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना पाठक, विवि के प्रति कुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी, रजिस्ट्रार राकेश कुमार, आचार्य सुधीर भाई मिश्र आदि मौजूद रहे।

