KANPUR AKHILESH DUBEY CASE: कानपुर में जेल भेजे गए अधिवक्ता अखिलेश दुबे की जांच कर रही SIT ने अब चार पुलिस अफसरों समेत दो केडीए के कर्मचारियों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा है। यह सभी कानपुर में तैनात रहे हैं।
अखिलेश दुबे से इनका आर्थिक लेनदेन और उनके अपराध में संलिप्तता के साक्ष्य मिले हैं। इन सभी के बयान दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
कानपुर शहर में तैनात रहे ऋषिकांत शुक्ला (Rishikant Shukla) समेत तीन क्षेत्राधिकारियों, इंस्पेक्टर और केडीए के पूर्व और वर्तमान उपाध्यक्ष (KDA Vice President) के पीए के खिलाफ एसआईटी को अखिलेश दुबे के साथ जमीन के कारोबार और आर्थिक लेनदेन में संलिप्त होने के साक्ष्य मिले हैं। परिजनों के नाम कंस्ट्रक्शन कंपनी बनाकर करोड़ों रुपये का टर्नओवर की बात भी पता चली है। यह साक्ष्य शिकायतकर्ताओं ने पुलिस के अधिकारियों को दिए हैं।उन्होंने पहले आरोप लगाया था फिर बयान देने के दौरान इन्हें साक्ष्य भी उपलब्ध करा दिए। KANPUR AKHILESH DUBEY CASE
SIT ने जारी किया नोटिस, अब होगी पूछताछ
कानपुर पुलिस कमिश्नरेट के मीडिया प्रभारी एडीसीपी राजेश पांडेय ने बताया- एसआईटी ने पूछताछ के लिए शुक्रवार को छह सरकारी कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है।
सस्ते दामों पर खरीदीं विवादित जमीनें
एसआईटी के सामने शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि जिले में तैनाती के समय तीनों सीओ वर्तमान में मैनपुरी में तैनात सीओ ऋषिकांत शुक्ला, लखनऊ में सीओ विकास पांडेय, हरदोई में सीओ संतोष सिंह और केडीए उपाध्यक्ष के पूर्व पीए महेंद्र सोलंकी, मौजूदा केडीए वीसी के पीए कश्यपकांत दुबे, इंस्पेक्टर आशीष द्विवेदी ने अखिलेश दुबे और उसके कुछ सहयोगियों के साथ मिलकर सस्ते दामों पर विवादित जमीनें खरीदीं।
सूत्रों की मानें तो ये सभी सरकारी कर्मचारी होने के बाद भी अखिलेश दुबे के साथ मिलकर जमीनों के कारोबार कर रहे थे। इतना ही नहीं बकायदा कंपनी बनाकर अपने परिवारीजनों के सदस्यों के नाम पर कारोबार कर रहे थे। एक कंपनी सामने आई है, जिसमें सौ करोड़ से भी ज्यादा का टर्नओवर है। इसी आधार पर इन सभी को नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
दुबे के साथ मिलकर कंपनी बनाई, करोड़ों का ट्रांजेक्शन
एसआईटी में शामिल एक सूत्र की मानें तो सीओ संतोष सिंह, विकास पांडेय और ऋषिकांत ने अखिलेश दुबे के साथ मिलकर एक कंस्ट्रक्शन कंपनी खड़ी की है।
इस कंपनी में ऋषिकांत की पत्नी प्रभा शुक्ला, सीओ पांडेय का भाई प्रदीप कुमार पांडेय, संतोष का रिश्तेदार अशोक कुमार सिंह ने अखिलेश दुबे के बेटे अखिल और भतीजे सात्विक के साथ मिलकर कंपनी खड़ी की है। कंपनी कंस्ट्रक्शन से जुड़ा काम करती है। सभी मामलों की जांच एसआईटी कर रही है। इस वजह से सभी को बयान दर्ज करने के लिए बुलाया गया है। KANPUR NEWS
कमिश्नर का मुखबिर PRO भी फंसा
कानपुर में डायल-112 में तैनात इंस्पेक्टर आशीष द्विवेदी पुलिस कमिश्नर के रडार पर तब आया जब ये कमिश्नर ऑफिस की एक-एक गतिविधियों की जानकारी दुबे कैंप तक पहुंचाता था। दुबे सिंडिकेट पर शिकंजा कसने के बाद से आशीष ड्यूटी छोड़कर लापता है।
कश्यपकांत दुबे और महेंद्र सोलंकी भी सिंडीकेट में शामिल
अखिलेश दुबे सिंडिकेट के लिए कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) वीसी के पूर्व निजी सचिव महेंद्र कुमार सोलंकी और मौजूदा समय के निजी सचिव कश्यप कांत दुबे को नोटिस जारी किया है। यह दोनों दुबे दरबार के आदमी थे, केडीए में इन दोनों कर्मचारियों के जरिए ही दुबे ने अपना नेक्सेस फैला रखा था।
कश्यपकांत दुबे के खिलाफ आर्थिक कदाचार की शिकायत के मद्देनजर विभागीय जांच भी चल रही है। इन दोनों ने दुबे दरबार का जमीनों का अरबों का साम्राज्य खड़ा करने में अहम मदद की है। पुलिस को जांच के दौरान दोनों के खिलाफ अहम साक्ष्य मिले हैं।
कागजी दस्तावेज के साथ इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य
एसआईटी के पास साकेतनगर की महिला कारोबारी, तात्याटोपेनगर के होटल व्यवसायी समेत 12 से अधिक शिकायतों की जांच में से नौ की जांच शनिवार तक लगभग पूरी हो चुकी है। शनिवार को तीन शिकायकर्ताओं ने बयान दर्ज कराए। कुछ ने कागजी दस्तावेज के साथ इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी दिए हैं। अब कमिश्नरी पुलिस के अधिकारियों के निर्देश पर एफआईआर कराई जाएगी।

