HIGH COURT NEWS: चंडीगढ़ ट्राई सिटी के सैकड़ों मकान मालिकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। किरायेदार, पीजी या नौकरों का सत्यापन न कराने पर पुलिस धारा 188 IPC के तहत FIR दर्ज नहीं कर सकती। यह कानूनी स्थिति एक बार फिर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दी है। HIGH COURT NEWS
झूठी FIR दर्ज कराने वालों पर अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं परिवाद
दर्शन सिंह बनाम मोहाली पुलिस मामला
यह फैसला दर्शन सिंह बनाम मोहाली पुलिस मामले में आया है, जिसमें मोहाली पुलिस ने दार्शन सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की थी। आरोप था कि उन्होंने अपने घर में किरायेदार रखे, लेकिन उनका पुलिस सत्यापन नहीं कराया, जो कि जिला मजिस्ट्रेट द्वारा धारा 144 CrPC के तहत जारी आदेश का उल्लंघन बताया गया।
धारा 195 CrPC का हवाला
याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए एडवोकेट पंकज चांदगोठिया ने दलील दी कि धारा 195 CrPC के अनुसार, धारा 188 IPC के तहत कार्यवाही केवल जिला मजिस्ट्रेट या संबंधित सार्वजनिक अधिकारी द्वारा लिखित शिकायत के आधार पर ही कोर्ट में शुरू की जा सकती है। पुलिस को न तो इस धारा में FIR दर्ज करने का अधिकार है और न ही जांच कर चालान पेश करने का।
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FIR दर्ज करना कानूनन गलत
एडवोकेट चांदगोठिया ने कहा कि “धारा 195 से 199 CrPC में स्पष्ट अपवाद दिए गए हैं, जिनमें कहा गया है कि कुछ अपराधों में कोर्ट संज्ञान तभी ले सकता है जब संबंधित सार्वजनिक अधिकारी द्वारा लिखित शिकायत की जाए। धारा 188 IPC के मामलों में FIR दर्ज करना कानूनन प्रतिबंधित है।” उन्होंने यह भी कहा कि यदि धारा 195 CrPC के अनुसार शिकायत नहीं की जाती, तो ऐसी कार्यवाही अवैध है और पूरा ट्रायल व सजा कानून की नजर में शून्य हो जाती है।
गुप्त सूचना के आधार पर दर्ज हुई थी FIR
मामले में पुलिस ने कथित तौर पर गुप्त सूचना के आधार पर FIR नंबर 68 दिनांक 29.05.2019 दर्ज की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि याचिकाकर्ता ने किरायेदारों, पीजी और नौकरों की जानकारी प्रशासन को नहीं दी।
हाईकोर्ट का स्पष्ट फैसला
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अमन चौधरी ने FIR को रद्द करते हुए कहा: “वर्तमान मामला पुलिस द्वारा दर्ज किया गया है, न कि किसी सार्वजनिक अधिकारी की शिकायत पर। ऐसे में यह FIR कानून के अनुरूप नहीं है और इसे रद्द किया जाता है।”
कोर्ट ने इस संबंध में संदीप गंदोत्रा बनाम यूटी चंडीगढ़ मामले का भी हवाला दिया और कहा कि राज्य पक्ष इस फैसले के विपरीत कोई कानून पेश नहीं कर सका।
मकान मालिकों के लिए अहम फैसला
यह फैसला ट्राई सिटी सहित पंजाब-हरियाणा में उन सभी मकान मालिकों के लिए बेहद अहम है, जिनके खिलाफ किरायेदार सत्यापन न कराने को लेकर पुलिस ने FIR दर्ज की है या दर्ज करने की तैयारी है। अब साफ है कि ऐसे मामलों में पुलिस सीधे FIR दर्ज नहीं कर सकती।
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