Vastu Niyam: वास्तु शास्त्र के अनुसार, कार में कभी भी बहुत बड़े आकार की मूर्ति नहीं रखनी चाहिए। डैशबोर्ड पर रखी मूर्ति इतनी बड़ी न हो कि वह ड्राइवर के ‘व्यू’ (रास्ते की दृष्टि) में बाधा डाले। Vastu Niyam
धार्मिक मान्यताओं के आधार पर कार में भगवान की टूटी हुई या खंडित मूर्ति रखना अत्यंत अशुभ होता है। अगर मूर्ति का रंग फीका पड़ गया है या वह कहीं से चटक गई है, तो उसे तुरंत हटाकर किसी पवित्र स्थान पर विसर्जित कर देना चाहिए।
वास्तु शास्त्र और जानकारों का कहना है कि कार में हर तरह की मूर्ति रखना शुभ नहीं होता। खासकर ‘ध्यान मुद्रा’ वाली मूर्तियां आपके सफर के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं। आइए जानते हैं इसके पीछे का वैज्ञानिक और ज्योतिषीय कारण।
क्यों न रखें ध्यान मुद्रा वाली मूर्ति?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, ध्यान में बैठी हुई मूर्तियां (जैसे ध्यान मग्न शिव जी या गणेश जी) शांति, स्थिरता और आत्मचिंतन का प्रतीक होती हैं। ध्यान का अर्थ है पूरी तरह से भीतर की ओर मुड़ जाना। वहीं, कार एक ‘गतिशील’ (Moving) वस्तु है जिसे चलाते वक्त ड्राइवर का पूरा ध्यान बाहर सड़क पर होना चाहिए।
माना जाता है कि ऐसी मूर्तियों का प्रभाव अनजाने में ड्राइवर के मन पर पड़ता है, जिससे उसे सुस्ती महसूस हो सकती है या उसकी एकाग्रता (Focus) कम हो सकती है। कार में हमेशा ऐसी ऊर्जा चाहिए जो आपको ‘अलर्ट’ और ‘सक्रिय’ रखे।
कौन सी मूर्ति है सबसे शुभ?
कार के लिए हमेशा ‘जागृत मुद्रा’ वाली मूर्ति या तस्वीर का चुनाव करना चाहिए।
आशीर्वाद मुद्रा…
गणेश जी की ऐसी प्रतिमा जिसमें वे आशीर्वाद दे रहे हों या उनकी आंखें खुली हों, सबसे उत्तम मानी जाती है।
सतर्कता का प्रतीक…
जागृत मुद्रा सकारात्मक ऊर्जा और सुरक्षा का अहसास कराती है। यह ड्राइवर को मानसिक रूप से सतर्क रखती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कम होता है।
कार में मूर्ति लगाने के जरूरी नियम
अगर आप अपनी कार में सुख-समृद्धि और सुरक्षा चाहते हैं, तो इन नियमों का पालन जरूर करें:
जगह का चुनाव: मूर्ति को डैशबोर्ड के बिल्कुल बीच में ऐसे रखें कि वह आपके ड्राइविंग विजन (सड़क देखने की क्षमता) को प्रभावित न करे। आपकी नजर बार-बार उस पर नहीं जानी चाहिए।
सजावट में सादगी…
मूर्ति पर बड़ी माला या बहुत सारे फूल न चढ़ाएं। अचानक ब्रेक लगने पर ये चीजें गिरकर आपका ध्यान भटका सकती हैं।
नियमित सफाई…
कार की सफाई के साथ-साथ भगवान की मूर्ति की भी नियमित सफाई करें। धूल जमी हुई मूर्ति घर या वाहन में नकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।
शुद्धिकरण…
मूर्ति स्थापित करने से पहले उसे गंगाजल से साफ करें और एक छोटी सी पूजा जरूर करें।
खंडित मूर्ति से बचें….
कभी भी टूटी हुई या धुंधली तस्वीर कार में न रखें। वास्तु में इसे भारी दोष माना जाता है जो नकारात्मकता लाता है।
कार में भगवान का होना हमें मानसिक मजबूती देता है, लेकिन वास्तु के सही नियमों का पालन करना भी उतना ही जरूरी है। एक छोटी सी समझदारी आपके हर सफर को मंगलमय और सुरक्षित बना सकती है।

