Kanpur News: सुबह से ही मौसम बदला हुआ था, लेकिन हल्की बारिश भी इन 156 जोड़ों की खुशियों को फीका नहीं कर सकी। फेरे, निकाह, आशीर्वाद और विदाई—हर पल में भावनाएं छलकती रहीं।
रिमझिम बारिश, मंत्रों की गूंज और बैंड-बाजे की मधुर धुनों के बीच शुक्रवार को चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के स्टेडियम मैदान में 156 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित यह समारोह सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि भावनाओं, सहयोग और सामाजिक समरसता की जीवंत मिसाल बन गया।
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सुबह 8 बजे से शुरू हुए इस भव्य आयोजन में हर तरफ उत्सव का माहौल था। एक ओर वर-वधू सात फेरे ले रहे थे, तो दूसरी ओर तीन मुस्लिम जोड़ों ने निकाह कबूल कर नई जिंदगी की शुरुआत की। बारिश के बावजूद वाटरप्रूफ पांडाल में पूरे विधि-विधान से विवाह संपन्न हुए, हालांकि बाहर लगे टेंट में पानी टपकने से कुछ परिजनों को पांडाल में आना पड़ा।
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समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में 156 जोड़ों में अनुसूचित जाति के 117, अन्य पिछड़ा वर्ग के 31, सामान्य वर्ग के 2 और अल्पसंख्यक वर्ग के 6 जोड़े शामिल रहे। विकासखंडवार आंकड़ों में चौबेपुर से 46, शिवराजपुर से 35, नगर निगम क्षेत्र से 30, बिल्हौर से 21, सरसौल से 19, भीतरगांव से 4 और नगर पालिका शिवराजपुर से 1 जोड़ा शामिल हुआ।
कार्यक्रम में विधायक नीलिमा कटियार, सरोज कुरील, जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण के साथ जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे और नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया।

एडीएम सिटी ने जांची व्यवस्था
एडीएम सिटी डॉक्टर राजेश कुमार ने विवाह योजना में वितरित किए जा रहे सामानों का मुआयना किया। कुछ स्टालों में मिठाई के डिब्बों की संख्या कम थी, तो कुछ में ड्राई फू्रट की एक टोकरी दी जा रही थी। इस पर एडीएम सिटी ने नाराजगी जाहिर करते हुए, मौजूद अफसरों से बात की। इसके बाद सक्रिय हुए अफसरों ने व्यवस्था में सुधार किया।
व्यवस्था बनी मिसाल, हर जोड़े को मिला सम्मान
कार्यक्रम में हर जोड़े का बायोमेट्रिक सत्यापन कर व्यवस्थित तरीके से प्रवेश दिया गया। ब्लॉकवार स्टॉल लगाए गए थे, जिससे अव्यवस्था नहीं फैली। विवाह के बाद टोकन के जरिए उपहार सामग्री वितरित की गई। हर जोड़े को योजना के तहत कुल एक लाख रुपये की सहायता दी गई, जिसमें 50 हजार रुपये की धनराशि, 35 हजार रुपये के उपहार और 15 हजार रुपये भोजन व्यवस्था पर खर्च किए गए।
पैक भोजन से खत्म हुई अव्यवस्था
मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन की पहल पर भोजन व्यवस्था को नए तरीके से लागू किया गया। पांडाल में ही पनीर, छोला, पूड़ी, चावल और रसगुल्ले की थालियां पैक कर प्रत्येक जोड़े को करीब 22 पैकेट दिए गए, ताकि किसी को भोजन के लिए भटकना न पड़े। इस व्यवस्था से पूरे कार्यक्रम में कहीं भी अव्यवस्था नजर नहीं आई।

