KANPUR IGRS RANK NEWS : सीएम के महीने में आलाधिकारियों के संग कई वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद भी जिले की IGRS रैंकिंग में सुधार नहीं हो पा रहा है। इस दफा अफसरों की कार्यप्रणाली ने बेड़ा और गर्क कर दिया है।
अफसरों की लापरवाही से फिर गिरी रैंक, 75 जिलों में 61वीं रैंक
रैंक सात अंक गिर कर 68 पर पहुंच गई है। यह स्थिति तब है जब प्रशासन के आलाधिकारी समेत कई अफसर सिर्फ जनता के शिकायतों के निस्तारण में लगे हैं, लेकिन मामला सिफर ही रहता है। वहीं अफसरों का कहना है कि लापरवाह अफसरों पर सख्त कार्रवाई होगी।
कई मीटिंगों का दौर, अफसरों और विभागों को सख्त नोटिस और आखिर में मामला टांय टांय फिस्स। यह हाल आईजीआरएस की शिकायत के निस्तारण में हो रहा है।
पिछले महीने से रैंक सात अंक और नीचे गिर गई। इस दफा 75 जिले में कानपुर 68वें स्थान पर है। 140 में 109 अंक के साथ् प्रतिशत 77.86 है जो कि पिछले महीने की अपेक्षा दो प्रतिशत से अधिक के करीब कम है। पिछले महीन रैंक 61वीं , 140 में 112 अंक और 80 प्रतिशत मिले थे। IGRS RANK NEWS
प्रदेश की जारी रैंकिंग में जिला इस दफा फिर पिछड गया। कई मीटिगों के दौर के बाद भी अफसर शिकायतकर्ताओं को संतुष्ट नहीं कर पा रहे हैं। डीएम के कई प्रयास के बाद भी अफसरों और कर्मचारियों की लंबी फौज भी आईजीआरएस की रैंकिंग को संभालने में नाकामयाब साबित हो रही । IGRS रैंकिंग में जिले का प्रदर्शन काफी निराशाजनक है।
अधिकारी अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं कर रहे हैं। जिससे शिकायतों का हकीकत में निस्तारण नहीं हो रहा है। जिससे जनता का फीडबैड अफसरों के प्रति काफी खराब है। अफसरों ने बताया कि निगेटिव फीडबैक वाले विभागों पर कार्रवाई की जा रही है। अफसरों के साथ शिकायतकर्ताओं से भी फीडबैक लिया जा रहा है। रैंक में और सुधार के लिए अफसरों को लेटर लिखा गया है। अफसरों का कहना है कि जहां पर परेशानी हो रही है उसमें सुधार लाया जाएगा। KANPUR NEWS
चार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी
आईजीआरएस रैंकिंग में 4 अंकों की छलांग, 75 जिलों में 60वीं रैंक
कुछ ढीठ अफसरों से बिगड रहीं रैंक (KANPUR NEWS)
आईजीआरएस की रैंक को लेकर प्रशासन के आलाधिकारी संबंधित विभागों पर कडा एक्शन नहीं ले रहे जिसके चलते निगेटिव फीडबैक और ऑन टेबल ही शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा। विभागों को नोटिस तो तामील हो रही, लेकिन कई अफसर इसका जवाब तक नहीं दे रहे। नीचे स्तर पर क्या कार्रवाई की जा रही, यह सब भी केवल खानापूर्ति है।

