Heatwave : गर्मी का मौसम अपने साथ लू के थपेड़ों को भी लेकर आता है, जिससे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इससे बड़े तो क्या बच्चे भी बेहाल और परेशान रहते हैं। Heatwave
ऐसा इसलिए ही होता है क्योंकि बच्चों में तापमान परिवर्तन के प्रति संवेदनशीलता अधिक होती है और वे जल्दी से डिहाइड्रेट भी होने लगते हैं। इस दौरान बच्चों के बीमार पड़ने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसके बाद उन्हें स्कूल जाना और बाहर खेलने जैसी आम दिनचर्या करने में भी समस्या आने लगती है। तो हम कुछ ऐसे टिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी मदद से आप उनकी बेहतर देखभाल कर सकते हैं। Heatwave
हीटवेव से बच्चों को बचाने के लिए टिप्स
बच्चों को लू से बचाने के लिए हाइड्रेटेडशन सबसे पहली चीज है। वयस्कों की तुलना में बच्चे ज्यादा जल्दी डिहाइड्रेट हो जाते हैं। इसलिए ध्यान दें कि आपका बच्चा भरपूर मात्रा में पानी का सेवन कर रहा है। चाहे आपका बच्चा छह महीने का हो या फिर दस वर्ष का। स्तनपान कराने से लेकर पानी पीने तक ध्यान दें कि वे भरपूर मात्रा में लिक्विड ले रहे हैं।Heatwave
कोल्ड शावर
कोल्ड शावर बच्चों को हीटवेव से बचाने में प्रभावी ढंग से मदद कर सकता है। इससे बच्चे को ठंडक और चिलचिलाती गर्मी से राहत मिलेगी। लेकिन ध्यान दें कि बहुत अधिक ठंडे पानी का इस्तेमाल करने से बचें क्योंकि ये उनके शरीर को कंपकंपी दे सकता है।Heatwave
बच्चों की त्वचा नाजुक और संवेदनशील होती है, जो हीटवेव से आसानी से जल सकती है। इसलिए उनके हाथों, चेहरे, गर्दन और किसी भी अन्य खुले भाग पर कम से कम एसपीएफ 30 वाला सनस्क्रीन लगाएं। बच्चे के लिए सही सनस्क्रीन चुनने के लिए त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें। सूरज की किरणों से उनकी आंखों और चेहरे को बचाने के लिए टोपी और धूप के चश्मे का भी इस्तेमाल करें।Heatwave
सही कपड़े पहनाएं
गर्म हवा के थपेड़ों के दौरान बच्चों को सही कपड़े पहनाना महत्वपूर्ण है। इस दौरान कॉटन जैसे नेचुरल फैब्रिक चुनें जो हल्के, ढीले-ढाले और सांस लेने वाले हों। सिंथेटिक फैब्रिक से दूर रहें क्योंकि इससे त्वचा ठीक तरह से सांस नहीं ले पाती और गर्मी के मौसम में काफी असहजता हो जाती है। साथ ही कॉटन के कपड़े पसीने को सोखनें में मदद करते हैं, जिससे शरीर का उचित तापमान बना रहता है।Heatwave
कमरे का तापमान
बच्चे को हीटवेव (Heatwave) से बचाने में कमरे का तापमान एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए कोशिश करें कि कमरे का तापमान ठंडा रखें। इसके लिए केवर पंखे पर निर्भर नहीं रहा जा सकता, एयर कंडीशनर, कूलर या ह्यूमिडिफायर का प्रयोग करें। बच्चे को कभी भी गर्म कार में अकेला न छोड़ें, भले ही वह थोड़े समय के लिए ही क्यों न हो। कार के अंदर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है, जो उनके लिए खतरनाक या घातक भी हो सकता है।

